Proverbs of Solomon

Proverbs of Solomon

अध्याय 1

1 यह किताब सुलैमान की बुद्धि की बातों का संग्रह है, जो इस्राएल पर राज्य करता था और राजा दाऊद का बेटा था।
2 सुलैमान ने ये बुद्धि की बातें इसलिए लिखी ताकि हम समझ सकें कि बुद्धि है क्या। वह चाहता था कि हम सीखें कि हमें उचित सुधारों के प्रति कैसे बर्ताव करना चाहिए। यह किताब इसलिए लिखी गई ताकि हम बुद्धिमान लोगों के शब्दों में छिपे हुए मतलब को समझ सकें।
3 सुलैमान ने इन बुद्धि की बातों को इकट्ठा किया, जो हमारे चरित्र पर काम करने और बुद्धि से काम करने में हमारी मदद कर सकती है। तब हम समझ पाएंगे कि धार्मिकता, न्याय और ईमानदारी क्या हैं।
4 अगर साधारण व्यक्ति बुद्धि की बातों को सुनेगा तो वह समझदार बन जाएगा। अगर जवान व्यक्ति बुद्धि की बातों को ध्यान से पढ़ेगा तो उसे ज्ञान मिलेगा, जो उसे सिखाएगा कि सही फैसले कैसे लेने हैं।
5 अगर बुद्धिमान व्यक्ति बुद्धि की बातों पर ध्यान देगा तो वह अपने ज्ञान को बढ़ाएगा। और अगर पढ़ा-लिखा व्यक्ति बुद्धि की बातों को सुनेगा तो वह उनमें बहुमूल्य सलाह को पाएगा।
6 जो बुद्धि की बातों को ध्यान से पढ़ता है वह उन लोगों को समझना सीखेगा, जो छिपे हुए मतलब के साथ या मज़ाक में बोलते हैं। वह समझ पाएगा कि बुद्धिमान लोगों का क्या मतलब है।
7 जो प्रभु का भय मानता है वह समझने लगेगा कि बुद्धि क्या है। सिर्फ़ मूर्ख ही बुद्धि और उचित सुधारों से घृणा करते हैं।
8 हे मेरे बेटे, अपने पिता की बात सुनो जब वह तुम्हारा उचित सुधार करता है। और जब तुम्हारी माता तुम्हें परमेश्वर के कानून को सिखाती है तब तुम उसे मत रोको।
9 जो तुम्हारे माता-पिता तुम्हें बताते हैं उस पर ध्यान दो। तब अनुग्रह तुम्हें मुकुट और हार की तरह सजाएंगे।
10 हे मेरे बेटे, पापियों को तुम्हें पाप में मत धकेलने दो।
11 वे तुम्हें मना लेंगे और कहेंगे, “हमारे साथ आओ! चलो, हम जाल बिछाएं और छिपने की जगह में इंतज़ार करें। फिर अचानक किसी निर्दोष व्यक्ति पर हमला करें और उसे बिना किसी कारण के मार डालें।”
12 हे मेरे बेटे, अपराधी कहेंगे, “हमारे साथ आओ! चलो, हम जीवित लोगों को नरक में भेजें और उन्हें सीधे ही मरे हुए लोगों के पास कब्र में डाल दें।”
13 वे कहेंगे, “हमारे साथ आओ! हम सभी प्रकार की बहुमूल्य चीजें चुराएंगे और अपने घरों को लूट की चीजों से भर लेंगे।”
14 अपराधी कहेंगे, “आ जाओ, और तुम हमारे साथ पर्चियाँ डालना। जो तुम जीतो उसे तुम ले लेना और इस तरह हम चुराई हुई चीजों को बांट लेंगे।”
15 हे मेरे बेटे, किसी भी उपद्रवी मंडली में शामिल न होना, सभी अपराधियों से दूर रहना।
16 याद रखना कि अपराधी बुराई करने के लिए बेसब्र होते हैं। और बिना किसी झिझक के वे हत्या कर देते हैं।
17 पक्षी कभी भी नहीं सोचते कि उनमें से कोई भी जाल में फंसेगा।
18 लेकिन शिकारी छिपने की जगह में इन्तज़ार करते हैं और मारने के लिए पक्षियों को फसाते हैं।
19 ऐसा ही उस व्यक्ति के साथ होगा, जो दूसरों की चीजें चोरी करना चाहता है। ये चुराई हुई चीजें ही उससे उसके जीवन को छीन लेंगी।
20 बुद्धि गलियों में और चौकों में सभी से ज़ोर ज़ोर से कहती है।
21 वह हर जगह जहाँ लोग इकट्ठे होते हैं प्रचार करती है। बुद्धि उन लोगों से बात करती है, जो शहर में प्रवेश करते हैं और फाटक से होकर चले जाते हैं।
22 और वह यही कहती है, “तुम, जिसके पास ज्ञान नहीं, कब तक अपने अज्ञान से प्रेम रखोगे? तुम, जो दूसरों का अपमान करते हो, कब तक अपमान करके आनन्द मनाते रहोगे? और तुम, मूर्खों, कब तक ज्ञान से नफ़रत करोगे?
23 बुद्धि कहती है, “जब मैं तुम्हें ठीक करती हूँ तब मेरी सुनो और अपने पापों से मन फिराओ। और फिर मैं अपनी आत्मा तुम पर उँडेल दूँगी और तुम्हें अपनी बातें सिखाऊँगी।
24 लेकिन जब मैंने तुम्हें पुकारा तब तुमने नहीं सुना। और जब मैंने मदद करनी चाही और अपने हाथ तुम तक फैलाये तब किसी ने मुझ पर ध्यान नहीं दिया।
25 तुमने मेरी सारी सलाहों को अनदेखा किया और अपने जीवन को बदलने से इनकार कर दिया।
26 इसलिए जब तुम पर मुसीबत आएगी तब मैं हँसूँगी। और जब तुम घबराओगे तब मैं आनन्द मनाऊँगी।
27 घबराहट तुम पर तूफ़ान की तरह, तबाही की तरह, बवंडर की तरह आ पड़ेगी। और तुम कष्ट में होगे और मुश्किल परिस्थितियों में जीवन बिताओगे।
28 तब मूर्ख मुझे पुकारेंगे लेकिन मैं उनकी नहीं सुनूँगी। वे मुझे ढूँढेंगे लेकिन वे मुझको नहीं ढूँढ पाएंगे।
29 उनके साथ ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि उन्होंने ज्ञान से नफ़रत की। उन्होंने प्रभु की बात मानने से इंकार किया और ऐसे जीने लगे जैसे कि परमेश्वर है ही नहीं।
30 उन्होंने मेरी सभी सलाहों को नकार दिया। और जब मैंने उन्हें सही किया तब उन्होंने मेरी निंदा ​​की।
31 इसलिए वे कड़वे फल खाएंगे, जो उनके जीवन में बढ़ेंगे। उन्होंने दूसरों को नुकसान पहुँचाने की योजना बनाई लेकिन उनकी दुष्ट योजनाएँ उनके अपने जीवन को नष्ट कर देंगी।
32 जिनके पास कोई ज्ञान नहीं, वे बुद्धि के खिलाफ़ विद्रोह करेंगे और यह उन्हें मौत की ओर ले जाएगा। मूर्ख जीवन को गम्भीरता से नहीं लेते हैं, और यह उन्हें नष्ट कर देगा।
33 और जो मेरी बात सुनेगा वह बुराई से न डरेगा। वह सुरक्षित और शांति से रहेगा।”

अध्याय 2

1 हे मेरे बेटे, मेरे शब्दों को याद रखना और उन आज्ञाओं को कभी मत भूलना, जिनके बारे में मैंने तुम्हें बताया था।
2 ध्यान से सुनो कि बुद्धि क्या कहती है। सोचना और मनन करना सीखो।
3 ज्ञान को ढूँढो और अपनी सोचने की क्षमता को बढ़ाओ।
4 ज्ञान को ऐसे ढूँढो जैसे तुम चाँदी या ख़ज़ाने को ढूँढते हो।
5 तब तुम सीखोगे कि प्रभु का भय क्या है और तुम समझोगे कि परमेश्वर कौन है।
6 प्रभु बुद्धि देता है। वह ऐसे शब्द बोलता है, जो व्यक्ति को ज्ञान और समझ देते हैं।
7 परमेश्वर उन लोगों को सफलता देता है, जो ईमानदारी से काम करते हैं। और वह अपनी ढाल से उनकी रक्षा करता है।
8 प्रभु उन लोगों के जीवन के सभी क्षेत्रों की रखवाली करता है, जो ईमानदारी से काम करते हैं। वह उस रास्ते की रक्षा करता है, जिसमें उसके पवित्र लोग चलते हैं।
9 हे मेरे बेटे, मेरी बात सुनो। तब तुम समझोगे कि धार्मिकता और न्याय क्या हैं। तुम वह करना सीखोगे जो सही है और सही चुनाव करना सीखोगे।
10 अपने दिल को बुद्धि से भरने दो। और अपने प्राण को ज्ञान से प्रेम करने दो।
11 तब तुम समझदार व्यक्ति बनोगे और यह तुम्हारी रक्षा करेगा। तुम बुद्धिमान व्यक्ति बन जाओगे और यह तुम्हें बुराई से बचाएगा।
12 अगर तुम बुद्धिमान बन जाओगे तो तुम जीवन में सही दिशा चुनोगे। बुद्धि तुम्हें झूठ बोलने वाले व्यक्ति से बचाएगी।
13 अगर तुम समझदार व्यक्ति बन जाओगे तो यह तुम्हें उन लोगों से बचाएगा, जिन्होंने जीवन में गलत रास्ता चुना है और अन्धकार के मार्गों में चलते हैं।
14 बुद्धि तुम्हें उन से बचाएगी, जो बुराई करने में खुश होते हैं और उलट फेर के काम में आनन्द लेते हैं।
15 चरित्रहीन जीवन जीने वाले व्यक्ति को समझ में नहीं आता कि यह उसे कहाँ ले जाएगा।
16 अगर पराई स्त्री चिकनी चुपड़ी बातें और मीठे शब्द बोले तो तुम्हें बुद्धिमान व्यक्ति की तरह व्यवहार करना होगा ताकि वह तुम्हें लुभा न सके।
17 जब वह जवान थी तब उसने शादी की। लेकिन अब उसने अपने पति को छोड़ दिया। और जो वादा उसने परमेश्वर के सामने अपने पति से किया, उसे उसने तोड़ दिया।
18 चरित्रहीन औरत के घर में प्रवेश करने वाला व्यक्ति नाश होगा और कब्र में जाएगा।
19 जो ऐसी औरत के साथ रिश्ता बनाएगा वह जीवन के सही रास्ते पर नहीं लौट पाएगा।
20 सही काम करने वाले लोगों के उदाहरण का अनुसरण करो। परमेश्वर पर विश्वास करने वाले लोगों की तरह जियो।
21 याद रखो कि सिर्फ़ परमेश्वर पर विश्वास करने वाले ही इस धरती पर जीवित रहेंगे। और ईमानदारी से काम करने वाले ही इस में बने रहेंगे।
22 और नीच लोग धरती पर नाश हो जाएंगे। और जो बुराई की योजनाएँ बनाते हैं वे पूरी तरह से मिटाए जाएंगे।

अध्याय 3

1 हे मेरे बेटे, परमेश्वर के कानून को मत भूलना जो मैंने तुम्हें सिखाये थे। परमेश्वर की आज्ञाओं को अपने दिल में रहने देना।
2 तब तुम्हारा जीवन कई सालों तक चलता रहेगा। और तुम पूरी शान्ति और सफलता में जीवन बिताओगे।
3 दूसरों पर दया दिखाओ और वही करो जो सच्चाई तुम्हें सिखाती है। यह तुम्हारे जीवन को खूबसूरत बना देगा जैसे कीमती हार किसी व्यक्ति को खूबसूरत बना देता है। पत्थर पर खोदे गए शब्दों की तरह दया और सच्चाई को अपने दिल में लिख लो।
4 तब तुम्हें परमेश्वर की नज़र में अनुग्रह मिलेगा। और लोग तुम्हारा आदर करेंगे।
5 अपने सारे दिल से प्रभु पर भरोसा रखना। और अपनी समझ का सहारा न लेना।
6 हर परिस्थिति में यह समझने का हर संभव प्रयास करो कि परमेश्वर क्या करना चाहता है। और वह कदम कदम पर तुम्हारी अगुवाई करेगा।
7 अपने बारे में यह मत सोचना कि तुम हर किसी से ज़्यादा चतुर हो। प्रभु का भय मानना और बुराई से अलग होना।
8 तब तुम्हारा शरीर और तुम्हारी हड्डियाँ मजबूत बनेंगे और तुम अपनी बीमारी से चंगे हो जाओगे।
9 जो कुछ तुम्हारा है वह प्रभु को समर्पित कर दो और उसकी सेवा करो। अपनी फ़सल का पहला फल उसके पास लाओ और उसे अपने लाभ का भाग दो। इस तरह से तुम प्रभु को अपना गहरा आदर दिखाओगे।
10 तब परमेश्वर तुम्हें इतनी बहुतायत से फसल देगा कि तुम अनाज से अपने भण्डार घरों को ऊपर तक भर दोगे। और तुम्हारे पास इतने अंगूर होंगे कि तुम बहुतायत से नया दाखरस बनाओगे।
11 हे मेरे बेटे, जब प्रभु तुम्हारी गलतियों को दिखाता है तब ध्यान देना। और जब वह तुम्हें ठीक करता है तब गुस्सा मत करना।
12 प्रभु उसी को सुधारता है जिससे वह प्यार करता है। वह व्यक्ति को वैसे ही ठीक करता है जैसे पिता अपने प्यारे बेटे को ठीक करता है।
13 जिसने अक्लमंदी और समझदारी से काम लेना शुरू कर दिया वह आशीषित और सुखी जीवन जिएगा।
14 बुद्धि तुम्हें चाँदी से ज़्यादा लाभ देगी। तुम्हें सोने से ज़्यादा बुद्धि से अधिक कमाई मिलेगी।
15 बुद्धि बहुमूल्य पत्थर से भी ज़्यादा कीमती है। और जिसकी भी तुम इच्छा करते हो उसकी तुलना बुद्धि से नहीं हो सकती।
16 बुद्धि अपने दाहिने हाथ में लंबे जीवन को पकड़े रहती है। बुद्धि अपने बाएं हाथ में धन-संपत्ति और महिमा को पकड़े रहती है।
17 बुद्धि के मार्ग पर चलना कितना सुहावना है। तब तुम्हारा हर कदम तुम्हारे लिए शान्ति और सफलता लाएगा।
18 जो बुद्धि की खोज करता है वह जीवन के पेड़ को खोजता है। आशीषित और सुखी जीवन जीने के लिए बुद्धि से काम करें।
19 प्रभु ने पृथ्वी को बुद्धि से बनाया और ज्ञान से स्वर्गों को फैलाया।
20 परमेश्वर जानता था कि पानी के सोते कैसे बनाए जाएं, जो ज़मीन से बाहर फूट पड़ें। उसने बादल बनाए ताकि ओस ज़मीन पर गिर सके।
21 हे मेरे बेटे, फ़ैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोचो। अच्छी तरह से सोच समझकर और बुद्धि से काम लो।
22 यह तुम्हारे प्राण को जीवन देगा और तुम्हें कीमती हार की तरह सजाएगा।
23 तब तुम सुरक्षित रहोगे और तुम सही रास्ते से नहीं भटकोगे।
24 और जब तुम बिस्तर पर जाओगे तब डर के कारण तुम्हारी रातों की नींद खराब नहीं होगी। तुम शान्ति से सो पाओगे और मीठी नींद का आनन्द लोगे।
25 अगर नीच लोग तुम्हें धोखा देने की कोशिश करें तो न डरना और न घबराना।
26 प्रभु में भरोसा रखो। और वह तुम्हें उस जाल से बचने में मदद करेगा जो नीच लोग तुम्हारे लिए लगाते हैं।
27 अगर तुम्हारे पास जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करने का मौका है तो उसकी मदद करने से इनकार मत करना।
28 अगर तुम आज अपने दोस्त की मदद कर सकते हो तो कल पर अपने अच्छे काम मत टालो।
29 जो तुम्हारे पास शांति से रहता है उस व्यक्ति के विरुद्ध कोई बुरी योजना मत बनाना।
30 अगर उसने तुम्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचाया तो बिना किसी कारण उसका दुश्मन मत बनना।
31 बेरहम व्यक्ति की सफलता से ईर्ष्या मत करना। और उसकी तरह से कभी काम मत करना।
32 परमेश्वर बिगडे़ हुए व्यक्ति से नफ़रत करता है। प्रभु उन लोगों के साथ बातचीत करता है जो उस पर विश्वास रखते हैं और जो सही काम करने के लिए उत्सुक रहते हैं।
33 प्रभु पाप में रहने वाले अविश्वासी के घर को श्राप देता है। लेकिन प्रभु सही काम करने के लिए उत्सुक रहने वाले विश्वासी के घर को आशीष देता है।
34 प्रभु उन लोगों की हंसी उड़ाएगा जो उसकी हंसी उड़ाते हैं। और वह अपना अनुग्रह उसी को देगा जो परमेश्वर के सामने खुद को नम्र करता है।
35 जो बुद्धि से काम करता है वह अच्छी प्रतिष्ठा पाएगा। और जो मूर्खता से काम करता है वह अपने आप को शर्मिंदा करेगा।

अध्याय 4

1 हे मेरे बच्चों, अपने पिता की बात सुनो जब वह तुम्हारा उचित सुधार करता है। समझ सीखने के लिए उसके शब्दों पर ध्यान दो।
2 मैंने तुम्हें सही बातें सिखाई हैं, परमेश्वर के कानून को मत भूलना।
3 जब मैं बच्चा था तब मेरा भी पिता था, जो मुझसे बहुत प्यार करता था। और मेरी माँ ने मुझे अपने इकलौते बेटे की तरह माना।
4 मेरे पिता ने मुझसे कहा, “तुम्हारा दिल मेरे शब्दों को याद रखे। मैं तुम्हें आज्ञाओं को सिखाता हूँ ताकि तुम सुखी जीवन जी सको।
5 समझ सीखने के लिए बुद्धि को ढूँढो। इसके बारे में भूल मत जाना और जो मैं कहता हूँ उसे अनदेखा मत करना।
6 जो बुद्धि कहती है उसको अनदेखा मत करो तब वह तुम्हारी रक्षा करेगी। बुद्धि से काम करो तब वह तुम्हारी रखवाली करेगी।
7 बुद्धि को खोजें, क्योंकि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ बुद्धि है। समझ के साथ कैसे काम करना है यह सीखने के लिए हर संभव प्रयास करें।
8 किसी भी चीज़ से अधिक बुद्धि को बहुमूल्य समझना और यह तुम्हें महान बनाएगी। बुद्धि के साथ एक हो जाना तब लोग तुम्हारा आदर करेंगे।
9 बुद्धि अनुग्रह को सुंदर माला की तरह तुम पर रखेगी। बुद्धि शानदार मुकुट से तुम्हें सजाएगी।”
10 हे मेरे बेटे, मेरी बात सुनो और जो मैं कहता हूँ वह करो। तब तुम लंबा और सुखी जीवन जिओगे।
11 मैं तुम्हें सिखाता हूँ कि कैसे बुद्धिमान बनें। मैं तुम्हें बताता हूँ कि कैसे सही तरीके से जीवन जीना है।
12 जब तुम कुछ करना शुरू करोगे तब कुछ भी तुम्हें रोकने में सफल नहीं होगा। और जब तुम्हें जल्दी से काम करने की ज़रूरत होगी तब तुम गलती नहीं करोगे।
13 जब कोई व्यक्ति तुम्हारा उचित सुधार करता है तब ध्यान देना और उन्हें अनदेखा मत करना। अपने आप को सही करो, क्योंकि यह तुम्हारे जीवन में सफलता लाएगा।
14 अपने जीवन में सही दिशा चुनना। और कभी भी अपराधी या नीच व्यक्ति की तरह काम मत करना।
15 अगर तुमने गलत रास्ते पर चलना शुरू कर दिया है तो रुको और इस रास्ते को छोड़ दो। और अगर कोई तुम्हें अपराध करने की सलाह देता है तो इसमें भाग लेने से मना कर दो।
16 अगर अपराधी कोई बुराई नहीं करेंगे तो वे सो नहीं पाएंगे। अगर वे किसी को नुकसान नहीं पहुँचाएंगे तो उन्हें नींद नहीं आएगी।
17 नीच लोग अपना जीवनयापन करने के लिए अपराध करते हैं। वे शराब के नशे में धुत होकर क्रूर बातें करते हैं।
18 जब सूरज भोर को उगता है और जब तक पूरा दिन नहीं चढ़ जाता तब तक वह और चमकदार और उज्जवल होता जाता है। ऐसा ही विश्वासियों के जीवन में होता है, जो सही काम करने के लिए उत्सुक रहते हैं।
19 लेकिन कानून तोड़ने वालों के मार्ग में घोर अंधेरा होता है। वे नहीं जानते कि किस से ठोकर खाएंगे।
20 हे मेरे बेटे, मेरे शब्दों पर ध्यान दो। जो मैं कहता हूँ उसे सुनो।
21 जो मैंने तुम्हें लिखा है उसे पढ़ते रहो ताकि मेरे शब्द तुम्हारे दिल की गहराई में उतर जाएं।
22 जो मेरे शब्दों का मतलब समझता है वह पूरी तरह से स्वस्थ रहेगा और सुखी जीवन जिएगा।
23 किसी भी चीज़ से ज़्यादा इस बात पर ध्यान देना कि तुम्हारे दिल में क्या भरा है। तुम्हारा दिल स्त्रोत है और जो कुछ भी तुम्हारे जीवन में होता है वह तुम्हारे दिल से शुरू होता है।
24 झूठ मत बोलना और अपने शब्दों से दूसरों को गुमराह मत करना।
25 इस तरह से जियो कि तुम ईमानदारी से लोगों की आँखों में देख सको और शर्म के कारण अपनी आँखें न चुराओ।
26 पहले से सोच लो कि तुम्हें क्या करना चाहिए। सही दिशा में जाओ और जिस मार्ग को तुम चुनते हो उस पर शक मत करना।
27 दाहिने या बाएं ओर मत मुड़ना। और उन जगहों पर मत जाना जहाँ दूसरे लोग बुराई करते हैं।

अध्याय 5

1 हे मेरे बेटे, मेरे ज्ञान की बातों पर ध्यान दो और मेरी बुद्धि की सलाहों को सुनो।
2 तब तुम समझदार व्यक्ति बन जाओगे और तुम योग्यता के साथ बोलोगे।
3 चरित्रहीन औरत के शब्द शहद की तरह मीठे होते हैं और ख़ुशबूदार तेल की तरह सुहावने होते हैं।
4 लेकिन अगर वह तुम्हें लुभाएगी तो तुम उसके परिणाम से बच नहीं पाओगे। तुम्हें इतना बुरा लगेगा जैसे तुम्हें ज़हर दिया गया हो। यह तुम्हें ऐसे चोट पहुँचाएगा जैसे कि तुम तेज तलवार से घायल किए गए हो।
5 चरित्रहीन औरत मौत की तरफ जाती है और धीरे धीरे वह नरक के और पास आ जाती है।
6 वह अपने जीने के तरीके के बारे में नहीं सोचती। और वह चिन्ता नहीं करती कि उसके जीवन का कोई लक्ष्य नहीं।
7 हे मेरे बेटे, इसलिए मेरी बात सुनो और जो मैं तुमसे कह रहा हूँ उसे मत भूलना।
8 चरित्रहीन औरत से दूर रहना और उसके घर के दरवाज़े के पास भी मत जाना।
9 लेकिन अगर तुम उसके साथ रिश्ता बनाओगे तो तुम लोगों से आदर खो दोगे और तुम्हारा जीवन कष्ट में बदल जाएगा।
10 ऐसी औरतों पर अपना जीवन बर्बाद मत करना। नहीं तो, जो कुछ भी तुम कमाते हो वह तुम उन्हें दे दोगे।
11 बीमारी तुम्हारे शरीर को खा जाएगी। तुम अपनी सेहत को खो दोगे और तुम दर्द से पीड़ित रहोगे।
12 तब तुम कहोगे, “जब मुझे दूसरों ने सुधारा तब मुझे उनकी बात सुननी चाहिए थी। जब मेरी अंतरात्मा ने मुझे रोकने की कोशिश की तब मुझे इस पर ध्यान देना चाहिए था।
13 मैं उन लोगों की बात सुनना ज़्यादा पसंद करूँगा जिन्होंने मुझे सही काम करना सिखाया। मैं उन लोगों की बातों पर ज़्यादा ध्यान दूँगा जिन्होंने सच्चाई के रास्ते पर मेरी अगुवाई की।
14 और अब मेरे आस-पास हर कोई देख सकता है कि मैंने कितनी जल्दी अपना जीवन बर्बाद कर लिया।”
15 अपनी पत्नी के प्रति वफ़ादार रहना। अपने ही कुएँ से पानी पीना जो हमेशा ताजे पानी से भरा रहता है।
16 उन औरतों के साथ रिश्ता मत बनाना जो खुद को सड़कों और शहर के चौकों में सौंप देती हैं। ऐसे गंदे नाले से पानी न पीना।
17 तुम्हें सिर्फ़ अपनी पत्नी से संबंध रखना चाहिए और तुम्हारे पास दूसरी औरतें नहीं होनी चाहिए।
18 अपनी पत्नी का आनन्द लेना जो तुम्हारी जवानी से ही तुम्हारी है। वही तुम्हारे लिए आशीषों का सोता बनी रहे।
19 तुम्हारी पत्नी प्यारे हिरण की तरह कोमल है। वह सुंदर पहाड़ी बकरी की तरह सुंदर है। और तुम हमेशा उसकी बाहों में प्यार का आनन्द ले सकते हो।
20 हे मेरे बेटे, चरित्रहीन औरत के प्यार में मत पड़ना। तुम खुद को उसकी बाहों में क्यों फेंकोगे?
21 प्रभु एक व्यक्ति के सभी कामों को देख सकता है। वह हर बात पर ध्यान देता है जो व्यक्ति करता है।
22 अगर कोई बुराई करेगा तो वह अपने कामों से कष्ट भोगेगा। वह व्यक्ति अपने अपराधों से अपने ही जीवन को नाश कर देगा। और उसके पाप उसे लोहे की जंजीरों की तरह कसकर पकड़ लेंगे।
23 नीच व्यक्ति मर जाएगा क्योंकि वह अपना जीवन बदलना नहीं चाहता। वह सही रास्ते से भटक गया है और बहुत सारे जंगली काम करता है।

अध्याय 6

1 हे मेरे बेटे, तुमने अपने दोस्त के कर्ज को चुकाने का वादा क्यों किया? तुमने किसी दूसरे व्यक्ति के धन की जिम्मेदारी अपने ऊपर क्यों ली?
2 जब तुम किसी और के कर्ज को चुकाने के लिए सहमत हुए तब तुमने खुद को अपने ही शब्दों में फंसा लिया।
3 हे मेरे बेटे, तुमने खुद को दूसरे व्यक्ति के अधिकार में दे दिया है। इसलिए मेरी सलाह को सुनो। अपने उस दोस्त के पास जाओ जिसका कर्ज तुमने चुकाने का वादा किया है और उसके सामने घुटने टेको। तब तक उससे विनती करो जब तक वह तुम्हें उन जिम्मेदारियों से आज़ाद न कर दे, जो तुमने अपने ऊपर ली हैं।
4 सारी शाम और सारी रात उससे विनती करो, जब तक वह मान न जाए।
5 जैसे हिरण शिकारी से दूर भागता है वैसे ही किसी दूसरे का कर्ज चुकाने से अपने आप को बचाए रखना। जाल में फंसे पक्षी की तरह अपने आप को आज़ाद कर लेना।
6 हे आलसी, चींटियों के पास जाओ। उनके कामों को देखो और उनसे बुद्धि से व्यवहार करना सीखो।
7 चींटी के पास कोई अगुवा या नेता नहीं होता। और कोई भी चींटियों को काम करने के लिए मजबूर नहीं करता।
8 लेकिन वे पूरी गर्मियों में फ़सल कटने तक और सर्दियों के लिए खाना इकट्ठा करने के लिए काम करती हैं।
9 हे आलसी, तुम इतनी देर से क्यों उठ रहे हो? तुम कब जागोगे और अपने बिस्तर से उठोगे?
10 बिस्तर में पड़े रहना और यह सोचना बंद करो, “अगर मैं थोड़ा और सो लेता हूँ और छोटी सी झपकी लेता हूँ तो यह ठीक है। अगर मैं कुछ नहीं करता और थोड़ा और आराम करता हूँ तो यह ठीक है।”
11 लेकिन अगर तुम आलसी बने रहोगे तो गरीबी तुम पर लुटेरे की तरह हमला करेगी। और सभी तरह की समस्याएँ तुम पर डाकू की तरह आ पड़ेंगी।
12 झूठ फैलाने वाला व्यक्ति घिनौने और नीच तरीके से काम करता है।
13 अपनी आँखों की हरकतों से, जिस तरह से वह चलता है और जिस तरह से वह इशारे करता है, इनसे वह खुद को प्रकट करता है।
14 वह अपने दिल में नीचता छुपाए रखता है। वह दूसरों के लिए मुसीबतें खड़ी करने के लिए हमेशा तैयार रहता है ताकि उनमें झगड़ा भड़के।
15 इसलिए अचानक कोई मुसीबत उस पर आ पड़ेगी। और वह अचानक बिना चंगाई की उम्मीद लिए हुए नाश हो जाएगा।
16 छह चीजों से प्रभु नफ़रत करता है, यहाँ तक कि उसका प्राण सात चीजों से घृणा करता है।
17 प्रभु को घृणा होती है जब कोई व्यक्ति दूसरे की निंदा करता है। प्रभु को घृणा होती है जब लोग झूठ बोलते हैं। जब कोई निर्दोष व्यक्ति की हत्या करता है तब परमेश्वर इससे नफ़रत करता है।
18 प्रभु को घृणा होती है जब लोग अपने दिलों में बुरी योजनाएँ रखते हैं। उसे घृणा होती है जब कोई व्यक्ति अपराध करने के लिए बेसब्र होता है।
19 परमेश्वर नफ़रत करता है जब कोई झूठी गवाही देता है। उसे घृणा होती है जब कोई व्यक्ति भाइयों के बीच नफ़रत पैदा करता है।
20 हे मेरे बेटे, उन आज्ञाओं को मानना, जिनके बारे में तुम्हारे पिता ने तुम्हें बताया था। और जब तुम्हारी माँ तुम्हें परमेश्वर का नियम सिखाती है तब उन्हें अस्वीकार मत करना।
21 अगर आज्ञाएँ हमेशा तुम्हारे दिल में बनी रहेंगी तो वे तुम्हें बहुमूल्य हार की तरह सजाएंगी।
22 जब तुम कुछ करना शुरू करते हो तब ये आज्ञाएँ सही फैसले लेने में तुम्हारी मदद करेंगी। जब तुम बिस्तर पर जाओ तब वे तुम्हें बेचैन करने वाले विचारों से बचाएंगी। और जब तुम उठोगे तब तुम आज्ञाओं पर ध्यान लगाओगे।
23 आज्ञा दीपक की तरह तुम्हारे जीवन के मार्ग को प्रकाशित करेगी। परमेश्वर का कानून तुम्हारे जीवन में धूप जैसा तेज प्रकाश लाएगा। जो उचित सुधारों पर ध्यान देता है और खुद को बेहतर बनाता है वह सुखी जीवन जिएगा।
24 चरित्रहीन औरत तुम से मीठी बातें करेगी। लेकिन अगर तुम आज्ञाएँ मानोगे तो वह तुम्हें लुभा न सकेगी।
25 उसके शरीर की सुंदरता की चाह मत करना और उसकी आँखों की सुंदरता में फंस मत जाना। वासना भरी इच्छाओं को अपने दिल में मत भरने देना।
26 चरित्रहीन औरत आदमी को गरीब बना देगी और उसे पूरी तरह से तोड़ कर छोड़ देगी। और जो पराई स्त्री के साथ रिश्ता बनाता है वह अपने जीवन से इसकी कीमत चुकाएगा।
27 अगर कोई व्यक्ति अपने कपड़ों के अन्दर आग रखेगा तो उसके कपड़े जल जाएंगे।
28 अगर कोई व्यक्ति जलते हुए अंगारों पर चलेगा तो वह अपने पैरों को जला लेगा।
29 और अगर कोई पराई स्त्री के साथ सोएगा तो वह आग से खेलेगा और सजा पाएगा, जिसका वह हकदार है।
30 जब चोर खाने के लिए चोरी करता है तब कोई भी उस भूखे चोर को माफ़ नहीं करता।
31 और अगर लोग उसे पकड़ेंगे तो उसे चुराए हुए का सात गुना वापस करना पड़ेगा। जो कुछ उसने चुराया है उसके लिए उसे सब कुछ दे देना होगा।
32 और जो किसी औरत के साथ प्रेम संबंध शुरू करता है उसमें समझ नहीं। जो पराई स्त्री के साथ सोता है वह खुद को नाश कर देगा।
33 लोग उसकी पिटाई करेंगे और उसे शर्मिंदा करेंगे। और वह कभी भी अपने सम्मान को वापस नहीं पाएगा।
34 जब उसके पति को पता चलेगा कि उसकी पत्नी ने उसे धोखा दिया है तब वह क्रोध से भर जाएगा। जलन रखने वाला पति उस आदमी को नहीं छोड़ेगा, जिसका उसकी पत्नी के साथ प्रेम संबंध था। वह अपने अपराधी से बदला लेने के लिए कुछ भी करेगा।
35 और अगर उसका अपराधी भरपाई करने की कोशिश करेगा तो सबसे बड़ा धन भी उस गुस्से वाले पति को शांत नहीं कर पाएगा।

Chapter 7

1 हे मेरे बेटे, ऐसा करो जैसा मैं तुम्हें बताता हूँ। और आज्ञाओं को मत भूलना जो मैंने तुम्हें सिखाई थी।
2 सुखी जीवन जीने के लिए उन्हें मानना। परमेश्वर के कानून का पालन करना क्योंकि यह उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि अच्छी दृष्टि।
3 आज्ञाओं को मानना और यह तुम्हारे जीवन को सुंदर बनाएगी जैसे कीमती अंगूठियाँ किसी व्यक्ति को सुंदर बनाती हैं। पत्थर पर खोदे गये शब्दों की तरह आज्ञाओं को अपने दिल में लिख लो।
4 बुद्धि की ओर मुड़ो और कहो, “मैं अपनी बहन की तरह तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ।” समझ की ओर मुड़ो और कहो, “मैं अपने करीबी दोस्त की तरह तुम्हें सराहता हूँ।”
5 तब बुद्धि और समझ तुम्हें चरित्रहीन औरत से बचाएंगे। और वह अपने मीठे शब्दों से तुम्हें लुभा नहीं पाएगी।
6 एक बार मैं घर पर था और खिड़की की जाली से देख रहा था।
7 मैंने भोले-भाले जवानों की मण्डली को देखा और उन के बीच एक मूर्ख जवान पर ध्यान दिया।
8 उसने चौराहे को पार किया और चरित्रहीन औरत के घर की ओर चला।
9 अंधेरा हो चला था जब शाम रात और अंधकार में बदल गयी।
10 तब एक औरत, जो बेशर्मों जैसे कपड़े पहने हुए थी, लुभाने के लिए जवान आदमी के पास आई।
11 वह हमेशा से ऊँचे शब्द से बोलने वाली और विद्रोही है। और वह कभी घर पर नहीं टिकती।
12 वह गलियों में, चौराहों पर और हर एक कोने पर उन लोगों को ढूँढती है जिन्हें लुभाया जा सकता है।
13 उस ने जवान आदमी को पकड़ा और उसे चूमना शुरू कर दिया। और बिना किसी शर्म के उसने उससे कहा,
14 “मैंने भगवान से जो वादा किया था उसे पूरा किया। इसलिए आज मैं मन्दिर गई जहाँ मैंने भगवान को अपनी शांति बलि चढ़ाई। और अब मेरे पास घर पर बहुत सारा बचा हुआ खाना है जो बलिदान के बाद बच गया है।”
15 इसलिए मैं किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढने के लिए बाहर आयी जिसके साथ मैं आनन्द मना सकूँ। और तुम बिल्कुल वही हो जिसे मैं ढूँढ रही थी।
16 मैंने अपने बिस्तर पर मिस्र के खूबसूरत कंबल बिछाए हैं और अपने सोने वाले कमरे को कालीनों से सजाया है।
17 मैंने अपने सोने वाले कमरे को लोबान, अगर और दालचीनी से खुशबूदार बनाया है।
18 मेरे पास आओ! हम सुबह तक खेलेंगे और प्यार का आनन्द लेंगे।
19 सिर्फ़ मैं घर पर हूँ और कोई भी नहीं, क्योंकि मेरा पति लंबे समय से व्यापार यात्रा पर गया है।
20 वह अपने साथ बहुत पैसा ले गया और महीने के अंत में ही घर लौटने का वादा किया था।”
21 उसने अपने मीठे शब्दों से जवान आदमी को ललचाया और अपने कोमल होंठों से उसे लुभा लिया।
22 और वह उसी घड़ी उसके पीछे हो लिया एक बैल की तरह जो नहीं समझता कि वह कसाई के पास जाता है। वह हिरण की तरह उसके पीछे हो लिया जिसे पता नहीं कि वह जाल की ओर भाग रहा है।
23 जल्द ही उसे हिरण की तरह गोली मार दी जाएगी। और वह नहीं जानता कि एक तीर उसके दिल को छेद देगा। वह ऐसे पक्षी की तरह था जिसने खुद को जाल में फेंक दिया, यह महसूस किए बिना कि यह उसे नाश कर देगा।
24 इसलिए, हे मेरे बेटे, मेरी बात सुनो और जो मैं तुमसे कहता हूँ उस पर ध्यान दो।
25 किसी चरित्रहीन औरत से प्यार मत करना। अपना दिल उसे मत देना और उससे बहुत दूर रहना।
26 उसने बहुत दुख दिये और बहुत से मजबूत आदमियों के जीवन को पूरी तरह से नाश कर दिया।
27 चरित्रहीन औरत के घर में प्रवेश करने वाला उस मार्ग में प्रवेश करेगा जो उसे नरक की ओर ले जाएगा। उसके सोने के कमरे में जाने वाला नाश हो जाएगा।

अध्याय 8

1 क्या तुम सुन सकते हो कि बुद्धि कैसे लोगों से ज़ोर से बोलती है? क्या तुम सुन सकते हो कि समझ कैसे सभी को अपने पास आने के लिए बुलाती है?
2 बुद्धि पहाड़ी की चोटियों पर, सड़क के किनारे और चौराहों पर खड़ी रहती है।
3 बुद्धि ज़ोर से उन लोगों से बोलती है जो शहर में प्रवेश करते हैं और फाटक से होकर चले जाते हैं।
4 बुद्धि कहती है, “हे लोगों, मैं तुम्हें पुकारती हूँ ताकि तुम मेरे पास आओ! जो मैं तुमसे कहना चाहती हूँ, उसे सुनो।
5 तुम, जिसके पास ज्ञान नहीं, अक्‍लमंदी से सोचना सीखो। और तुम, मूर्खों, बुद्धिमान बनो।
6 मेरी बात सुनो, क्योंकि मैं उन चीजों के बारे में बात करूँगी जो महत्वपूर्ण और सही हैं।
7 मुझे सच बोलना पसंद है और मुझे झूठ से नफ़रत है।
8 मेरे सभी शब्द सच्चे हैं। मैंने कभी किसी को धोखा नहीं दिया और न ही गुमराह किया।
9 समझदार व्यक्ति मेरी हर बात का मतलब समझ सकता है, जो मैं कहती हूँ। और जिसने ज्ञान पाया वह जाँच लेगा कि मेरे शब्द सच्चे हैं।
10 जब मैं तुम्हें सिखाती हूँ तब ध्यान से सुनो। चाँदी से ज़्यादा मेरी शिक्षा की प्रशंसा करो। ज्ञान प्राप्त करो, क्योंकि यह शुद्ध सोने से बेहतर है।
11 बुद्धि गहनों से ज़्यादा कीमती है। तुम बुद्धि की तुलना ऐसे किसी धन से नहीं कर सकते, जिसे तुम पाना चाहते हो।
12 मैं बुद्धि हूँ। यही कारण है कि मैं अक्‍लमंदी और शुद्ध सोच को दिखाती हूँ। और मेरे पास ज्ञान की भरपूरी है।
13 मैं बुद्धि हूँ। और मुझे नफ़रत होती है जब कोई व्यक्ति दूसरों को घमंड और अहंकार से देखता है। जब लोग अपराध करते हैं तो इससे मुझे घृणा होती है। मुझे नफ़रत होती है जब कोई व्यक्ति दूसरों को गुमराह करने के लिए झूठ बोलता है। इसलिए जो प्रभु का भय मानता है उसे बुराई से नफ़रत करनी है।
14 मैं ऐसी सलाह देती हूँ, जो सफलता लाती है। मैं जानती हूँ कि किसी व्यक्ति को बुद्धिमान और मजबूत कैसे बनाया जाए।
15 मैं राजाओं को उनके देश पर अच्छी तरह से राज्य करना सिखाती हूँ। मैं सरकार को न्यायपूर्ण कानून बनाने के लिए बुद्धि देती हूँ।
16 मैं राज्यपालों, शासकों और पृथ्वी के न्यायियों को उनके लोगों की सही दिशा में अगुवाई करने में मदद करती हूँ।
17 मैं बुद्धि हूँ। मैं उनसे प्यार करती हूँ जो मुझसे प्यार करते हैं। और जो मुझे ढूँढता है वह मुझे पाएगा।
18 मेरे पास धन, महिमा और धार्मिकता है। मेरे पास वह खजाना है, जो कभी नाश न होगा।
19 और जो मुझे ढूँढने के लिए उत्सुक रहता है वह ऐसा इनाम पाएगा, जो चोखे सोने से बेहतर होगा। मैं उसे ऐसा इनाम दूँगी, जो शुद्ध चाँदी से ज़्यादा कीमती होगा।
20 मैं सही काम करती हूँ और न्यायपूर्ण फैसले करती हूँ।
21 जो बुद्धि से प्यार करते हैं उन्हें धन विरासत में मिलेगा। और मैं उनके घरों को बहुमूल्य चीज़ों से भर दूँगी।
22 प्रभु के दुनियाँ को बनाने से भी पहले उस के पास बुद्धि थी।
23 मैं बुद्धि हूँ। परमेश्वर के पृथ्वी को बनाने से भी पहले, मैं मौजूद थी।
24 परमेश्वर के गहरे समुद्रों को बनाने से पहले और झरनों में पानी भरने से भी पहले, मैं पैदा हुई।
25 परमेश्वर के पहाड़ों और पहाड़ियों को बनाने से भी पहले, मैं पैदा हुई।
26 परमेश्वर के धरती, खेतों और संसार की पहली धूल के कण बनाने से भी पहले, मैं पैदा हुई।
27 जब परमेश्वर ने आकाश को फैलाया तब मैं वहाँ थी। मैंने देखा कि उसने क्षितिज की रेखा कैसे खींची जहाँ आकाश बहुत गहरे महासागर से मिलता है।
28 जब परमेश्वर ने आकाश को बादलों से भर दिया तब मैं वहाँ थी। मैंने देखा कि पृथ्वी के नीचे क्या हो रहा था जब परमेश्वर ने पानी से भूमिगत सोतों को भरा।
29 जब परमेश्वर ने समुद्र को आज्ञा दी कि वह अपने किनारों से बाहर न आए तब मैं वहाँ थी। मैंने देखा जब उसने पृथ्वी का आंतरिक ढांचा बनाया।
30 मैं परमेश्वर के साथ थी और मैंने कारीगर की तरह उसकी योजनाओं को पूरा किया। हर दिन मैंने परमेश्वर को आनन्द दिया और हर समय मैं उसकी उपस्थिति में खुशी से हँसी।
31 जब परमेश्वर ने पृथ्वी और पहले परिवार को बनाया तो मैं कितनी उत्साहित थी!
32 हे लोगों, मेरी बात सुनो। जो बुद्धि से काम करता है वह आशीषित और सुखी जीवन जिएगा।
33 जब मैं तुम्हारा उचित सुधार करती हूँ तब मेरी बात सुनो और उनको अस्वीकार मत करो। तब तुम बुद्धिमान बन जाओगे।
34 जो हर दिन मेरे घर के दरवाज़े पर मुझे देखने का इंतजार करता है और जो मुझे सुनने के लिए मेरे दरवाज़े से बाहर आने का इंतेज़ार करता है वह आशीषित और सुखी जीवन जिएगा।
35 मैं बुद्धि हूँ। और जो मुझे पाएगा वह ऐसा जीवन जिएगा, जो प्रभु के लिए आनन्द लाएगा।
36 और जो मुझे नहीं ढूँढता, वह खुद को नुकसान पहुँचाएगा। जो मुझसे नफ़रत करता है वह मौत से प्यार करता है।”

अध्याय 9

1 बुद्धि ने अपना घर बनाया और वहाँ सात पत्थर के खम्भे खड़े किए।
2 उसने बहुत सारा स्वादिष्ट भोजन और पेय तैयार किए। उसने आनन्द मनाने के लिए मेज़ पर अपना भोजन रखा।
3 बुद्धि ने अपने मदद करने वालों को शहर के सबसे ऊँचे स्थानों पर जाने और लोगों को बुलाने के लिए भेजा,
4 “जिनके पास ज्ञान नहीं, यहाँ आओ!” बेवकूफी से काम करने वालों से बुद्धि ने कहा,
5 “मेरे पास आओ! मेरी रोटी खाओ और जो मैंने तुम्हारे लिए तैयार किया है उसे पी लो।
6 बेवकूफी के काम करना बंद करो। सुखी जीवन जीने के लिए अक्लमंदी से काम लेना सीखो।”
7 अगर तुम उसका उचित सुधार करोगे जो अपने भद्दे मज़ाक से दूसरों को नाराज़ करता है तो वह बदले में तुम्हारा अपमान करेगा। और अगर तुम नीच व्यक्ति को ठीक करने की कोशिश करोगे तो तुम खुद को नुकसान पहुँचाओगे और मुसीबत में पड़ जाओगे।
8 जो दूसरों को नाराज़ करता है उसे मत सुधारना, क्योंकि इससे तुम्हें एक ऐसा दुश्मन मिलेगा, जो तुमसे नफ़रत करेगा। लेकिन अगर तुम बुद्धिमान व्यक्ति को ठीक करोगे तो तुम एक ऐसे दोस्त को पाओगे, जो तुमसे प्यार करेगा।
9 अगर तुम बुद्धिमान व्यक्ति को सिखाओगे तो वह और बुद्धिमान हो जाएगा। और अगर तुम ऐसे व्यक्ति को सलाह दोगे जो सही काम करने के लिए उत्सुक रहता है तो वह तुम्हारी बात सुनेगा।
10 जो प्रभु का भय मानता है वह समझने लगेगा कि बुद्धि क्या है। और जो पवित्र परमेश्वर को जानने के लिए उत्सुक रहता है वह समझदारी से काम करना सीखेगा।
11 अगर तुम बुद्धि से व्यवहार करोगे तो परमेश्वर तुम्हारे जीवन में कई दिन और साल जोड़ देगा।
12 जो बुद्धि से काम करता है वह सफल इंसान बनेगा। और जो बुद्धि का मज़ाक उड़ाता है और बेवकूफी से व्यवहार करता है वह अपने जीवन को नाश कर देगा।
13 मूर्खता शोर मचाने वाली और बेवकूफ औरत की तरह है, जो कुछ भी नहीं जानती।
14 वह अपने घर के दरवाज़े पर कुर्सी पर बैठती है। वह लोगों तक पहुँचने के लिए शहर के सबसे ऊँचे स्थानों पर भी जाती है।
15 वह उन लोगों को बुलाती है, जो पास से गुज़रते हैं। वह उन लोगों को उलझाने के लिए उनकी ओर मुड़ जाती है, जो अपने कारोबार के लिए जाते है।
16 वह उनसे कहती है, “जिनके पास ज्ञान नहीं, यहाँ आओ!” वह बेवकूफी से काम करने वालों से कहती है,
17 “चोरी करना मीठे पानी के जितना ही अच्छा है। धोखा देना स्वादिष्ट भोजन जितना ही आनन्दमय है।”
18 जो उस घर में प्रवेश करता है जहाँ मूर्खता रहती है वह नाश हो जाएगा। लेकिन मूर्ख व्यक्ति इसे समझ नहीं पाता। यही कारण है कि वह बेवकूफी की सलाह को सुनता है और सीधे नरक में जाता है।

अध्याय 10

1 यह किताब राजा सुलैमान की बुद्धि की बातों का संग्रह है। जो बेटा बुद्धि से काम करता है वह अपने पिता को आनंदित करता है। लेकिन जो बेटा बेवकूफी से काम करता है वह अपनी माँ को दुःखी करता है।
2 गैरकानूनी तरीकों से धन कमाने वाला व्यक्ति मुसीबत में पड़ेगा और अपने जीवन को खतरे में डालेगा। लेकिन ईमानदारी से काम करने वाला व्यक्ति सुरक्षित रहेगा।
3 अगर नीच लोग विश्वासी के जीवन को बर्बाद करने की योजना बनाएंगे तो प्रभु उन योजनाओं को नाश कर देगा। परमेश्वर ऐसे व्यक्ति का ध्यान रखेगा जो उस पर विश्वास करता है ताकि वह व्यक्ति भूख से परेशान न हो।
4 जो आलसी होना पसन्द करता है वह बर्बाद हो जाएगा। और जो काम करना पसन्द करता है वह अमीर हो जाएगा।
5 मेहनती बेटा कटनी के समय फसल इकट्ठा करता है। लेकिन आलसी बेटा सोता रहता है और अपने परिवार को शर्मिंदा करता है।
6 एक विश्वासी जो सही बोलने और सही काम करने के लिए उत्सुक रहता है उसे बहुत आशीषें मिलेंगी। और नीच व्यक्ति जो झगड़े के बारे में बोलता और क्रूरता से काम करता है वह अपने जीवन को नाश कर लेगा।
7 जब लोग उस विश्वासी के बारे में सोचते हैं जो सही काम करने के लिए उत्सुक रहता था तो वे उसके नाम को आशीर्वाद देते हैं। और जब लोग नीच व्यक्ति के नाम का ज़िक्र करते हैं तो उन्हें घृणा होती है।
8 बुद्धिमान दिल का व्यक्ति आज्ञाओं को सुनता और सफल होता है। लेकिन मूर्ख किसी की बात नहीं सुनता। वह बकवास की बातें बोलता है और अपने जीवन को नाश कर देता है।
9 जो ईमानदारी से काम करता है वह सफलता और शांति से जिएगा। और जो धोखाधड़ी में लगा रहता है वह पकड़ा जाएगा और सज़ा पाएगा।
10 बुराई करने का इरादा रखने वाला व्यक्ति अपने साथियों को अपनी आँखों से गुप्त इशारे करता है। लेकिन आज नहीं तो कल, वह कुछ बेवकूफी भरी बात कहेगा और उसकी पोल खुल जाएगी।
11 जब सही काम के लिए उत्सुक रहने वाला विश्वासी बोलता है तब उसके शब्द झरने की तरह बहते हैं और जीवन लाते हैं। लेकिन झगड़े के बारे में बोलने वाला और क्रूरता करने वाला नीच व्यक्ति विनाश लाता है।
12 जो नफ़रत से भरा है वह माफ़ नहीं करना चाहता और झगड़े शुरू करता है। और जो प्रेम से भरा है वह अपराधों को माफ़ करता है और झगड़े मिटाता है।
13 अक्‍लमंद व्यक्ति जानता है कि शांति लाने के लिए बुद्धि के साथ कैसे जवाब दिया जाए। लेकिन मूर्ख ऐसे शब्दों के साथ जवाब देता है कि उसे अपनी पीठ पर छड़ी से मार खानी पड़ती है।
14 बुद्धिमान व्यक्ति योग्यता के साथ बोलता है और दूसरों की समस्याओं को हल करने में उनकी मदद करता है। लेकिन मूर्ख के पास कोई ज्ञान नहीं होता और उसकी सलाह मुसीबत लाती है।
15 अमीर व्यक्ति के लिए उसकी सम्पत्ति गढ़ वाले किले की तरह है। वह अपने धन का सहारा लेता है, जो उसे मुसीबत से बचाता है। लेकिन गरीब गरीबी में रहता है, जो उसका जीवन बर्बाद कर देती है।
16 विश्वासी ईमानदारी से कमाता है और अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है। लेकिन नीच व्यक्ति गैरकानूनी तरीकों से बहुत अधिक लाभ प्राप्त करता है और पाप भरे सुखों पर अपना सब कुछ खर्च कर देता है।
17 जब दूसरे किसी व्यक्ति का उचित सुधार करते हैं और वह इन पर ध्यान देता है तब वह व्यक्ति सफल हो जाएगा। लेकिन जो अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करना चाहता, वह बिना लक्ष्य के अपना जीवन बिताएगा।
18 जो अपनी नफ़रत छिपाने के लिए दूसरे व्यक्ति से चिकनी चुपड़ी बातें बोलता है वह झूठा है। और जो खुलकर अपनी नफ़रत दिखाता और झूठी निंदा फैलाता है वह मूर्ख है।
19 बिना रुके बोलने वाला मूर्ख बहुत अधिक बोलेगा। लेकिन समझ रखने वाला व्यक्ति अपनी जीभ को रोक कर रखता है।
20 विश्वासी सही बातों के बारे में सोचता है। और उसके शब्द शुद्ध चाँदी की तरह कीमती हैं। लेकिन नीच व्यक्ति पाप के बारे में सोचता है और वह दूसरों को कुछ भी अच्छा नहीं सिखा सकता।
21 अक्‍लमंदी के साथ बोलने वाले विश्वासी के शब्द बहुत से लोगों को उत्साहित करते हैं। लेकिन मूर्ख बुद्धि के शब्दों को नहीं सुनता और अपने जीवन को नाश कर देता है।
22 परमेश्वर की आशीष व्यक्ति को अमीर बनाती है और कोई परेशानी नहीं लाती।
23 मूर्ख परिणाम के बारे में नहीं सोचता और मज़ाक के लिए अपराध करता है। लेकिन समझदार व्यक्ति बुद्धि से काम करता है और कानून नहीं तोड़ता।
24 विश्वासी के सपने पूरे हो जाएंगे। और जिस बात से नीच व्यक्ति डरता है वही उसके साथ होगा।
25 तूफ़ान की तरह अचानक आने वाली तबाही नीच लोगों के जीवन को पूरी तरह से बर्बाद कर देगी। लेकिन अनन्त परमेश्वर पर विश्वास करने वाला और सही काम करने के लिए उत्सुक रहने वाला व्यक्ति परीक्षा के समय मज़बूती से खड़ा रहेगा।
26 आलसी को कोई काम मत दो। नहीं तो, वह सिरके की तरह तुम्हारे दांतों को खराब कर देगा या धुएँ की तरह तुम्हारे आँसू निकाल देगा।
27 अगर तुम प्रभु का भय मानोगे तो वह तुम्हारे जीवन में कई दिनों और सालों को जोड़ देगा। लेकिन नीच व्यक्ति अपने समय से पहले ही मर जाएगा।
28 सही काम करने के लिए उत्सुक रहने वाला विश्वासी आनन्द के साथ अपना सपना पूरा होने का इन्तज़ार करता है। नीच व्यक्ति भी सबसे अच्छी चीज़ों की आशा करता है लेकिन उसका सपना कभी पूरा नहीं होगा।
29 जो ईमानदारी से काम करता और प्रभु के पीछे चलता है वह गढ़ वाले किले की तरह सुरक्षित रहेगा। लेकिन जो कानून तोड़ता है वह समझ ले कि प्रभु उसे सज़ा देगा।
30 जो परमेश्वर पर विश्वास करता है और सही काम करने के लिए उत्सुक रहता है वह हमेशा पूरी सुरक्षा में जीवित रहेगा। लेकिन नीच व्यक्ति का जीवन पूरी तरह से नाश हो जाएगा।
31 जब कोई विश्वासी बुद्धि से बोलता है तब लोग खुशी से उसकी बात सुनते हैं। लेकिन जो झूठी निंदा फैलाता है उससे लोग कहेंगे, “तुम्हारी जीभ काट दी जाए।”
32 परमेश्वर पर विश्वास करने वाला जानता है कि दूसरों से दया के साथ कैसे बात करें। लेकिन नीच व्यक्ति गुस्से से बोलता है।

Chapter 11

1 God hates when a seller uses unbalanced scales to deceive a buyer. But God loves when people use accurate scales and earn their living in an honest way.
2 The one who acts with pride is foolish. Such a person will get into troubles, and he will be ashamed. But the one who treats others with respect is wise.
3 The honest person is eager to do what is right in every situation. But the dishonest deceives when he has such an opportunity, and by his actions he will ruin his life.
4 Wealth will not help a dishonest person on the day when he is condemned to death. But the one who is eager to do what is right will be justified and escape death.
5 The one who lives honestly will not get into troubles. But a wicked person will get what he deserves according to his evil deeds.
6 A person who acts honestly will save himself from trouble. But a wicked person who is eager to harm others will suffer from his own actions.
7 A criminal lives in hope to fulfill his evil plans. But he will die and will not be able to do the evil he planned to do.
8 A believer who is eager to do what is right will not get into trouble. But a wicked will get into trouble instead of him.
9 The one who does not believe in God will deceive another person with hypocrisy in order to destroy him by his words. But a believer who knows the truth and is eager to do what is right will not believe the flattering words and will not fall into deception.
10 The whole city rejoices when believers succeed and do good deeds. And when the wicked die, people also cannot hide their joy.
11 Believers bless their city and make it prosper. But the wicked curse their city with their words and destroy it.
12 It is foolish to speak about others with despise. It is better to show wisdom and keep quiet.
13 Do not share confident things with a person who loves gossiping, otherwise he will betray your secrets. Trust your secrets to a trustworthy person who will not share it with anyone.
14 If the leader of a country has few competent counselors then the country will have low standard of living. But if he has many wise counselors, the people will prosper.
15 The one who guarantees and promises to pay off another person’s debts will get into trouble. But the one who is against of taking on himself other people’s debts will protect himself from problems.
16 People will respect a kind woman who helps others. But a rich man who does not show compassion will never deserve any respect.
17 The one who does good to others will feel joy in his heart. But the one who treats people with cruelty will get problems with his health.
18 A wicked person will lose everything he gained by illegal means. But the one who earns his living in an honest way will always live in abundance.
19 A believer who is eager to do what is right will live a happy life. But the one who is eager to fulfill his evil plans is going towards his death.
20 Those people who meditate on immoral things and live in sin are disgusting to the Lord. But the ones who meditate on the right things and do what is right, bring joy to the Lord.
21 You can be completely sure that people who live immoral life will receive the punishment which they deserve. And you can also be completely sure that the descendants of those who believe in God and are eager to do what is right will receive salvation.
22 If a woman is beautiful, but stupid, then she is like a golden ring in a pig’s nose.
23 A believer who is eager to do what is right hopes for the best, and his dreams will come true. The wicked who commits crimes also hopes for the best, but he will face judgment.
24 One person generously shares with others and becomes richer. And another one saves all the time and becomes poorer.
25 The one who shares generously with the needy will prosper. And the one who gives water to the thirsty will also be given water.
26 People will curse the one who accumulates grain in his storehouse in order to sell it later when the price goes up. But people will bless the one who sells grain right away and does not inflate the price.
27 Good will come into the life of a person who does good to others. But evil will come into the life of a person who brings harm to others.
28 If a person has hope in his wealth, then his life is like dry leaves which fall from the trees in autumn. And if a person believes in the Lord and trusts in Him, then his life is like young leaves which appear in spring.
29 The one who acts foolishly will ruin his family and waste everything he has. A fool will become a slave to the one who acts wisely.
30 The one who believes in God does good works. And his life is like a tree which bears fruit that gives life to others. Such a person acts wisely and attracts people to himself.
31 As long as a believer lives on earth, he will receive what he deserves. And of course, the one who rejects God and lives in sin will receive what he deserves.

Chapter 12

1 The one who loves learning pays attention when others make him proper corrections. But a fool does not like learning and hates being corrected.
2 The Lord is kind to the one who does good. But He condemns the one who wants to harm others.
3 There will be no stability in the life of a person who does evil deeds. But the one who believes in God and is eager to do what is right will stand on a strong foundation.
4 If a wife does what is right, she will decorate her husband like a crown. But if she behaves in such a way that her husband feels ashamed, then she causes him the same suffering as if his bones are in pain.
5 Believers meditate on how to act justly. But the wicked meditate on how to deceive others.
6 Criminals talk to each other about how to trap another person in order to kill him. But believers discuss how to save this person’s life from death.
7 If a trouble comes to the wicked, it will completely destroy his life. But if a believer gets into trouble, then his family will go through the trouble and stand firm.
8 People will speak well of a wise person. But they will treat with contempt a fool who thinks about immoral things.
9 It is better to be a simple person who earns his living than to pretend to be a rich person who does not have enough money to buy food.
10 A believer shows kindness not only to people, but also to animals. But a wicked person has no compassion for anyone, because he has a cruel heart.
11 He who works on his land will live in abundance. But a fool who chases dreams and does not want to work will live in poverty.
12 A wicked person wants to take possession of what others have. But a believer who is eager to do what is right earns his own living and helps others.
13 A liar will suffer from his own words and get into trouble. But a believer does not lie, so he will avoid troubles.
14 A person’s life depends on his words and deeds. If a person speaks and does what is right, he will live a happy life.
15 A fool thinks that he always does what is right, so he does not ask others for advice. But a wise person goes to those who can give him advice.
16 When a fool is insulted, he immediately shows his anger. But a person of understanding remains calm and does not respond to insult.
17 A person who loves acting honestly will speak truth in the court. But a dishonest person will tell lies and mislead the court.
18 A fool does not think before he speaks, and he uses harsh words. He hurts another person as badly as with a sword. But the words of the wise bring healing.
19 The time will show who was telling truth and who was telling lies. Lies have a short life. But truth will live forever.
20 The heart of a person who wants to provoke quarrel is filled with evil intentions. But the heart of a person who wants to bring peace is filled with joy.
21 Nothing bad will happen to a believer who is eager to do what is right. But the life of a wicked person will be full of troubles.
22 It is disgusting to God when someone speaks lies. But He likes when a person speaks truth.
23 A wise person knows many things, but he does not say too much. A fool knows little, but he says a lot of foolish things.
24 The one who makes efforts to do his job well will be put in a leadership position. But the one who is lazy will be forced to work like a slave.
25 He who is worrying all the time will have depression. But kind words bring peace and joy to a person.
26 The one who believes in God and is eager to do what is right will help another person make right decisions. But the one who lives like a wicked person will lead others astray from the right path.
27 A lazy person is not able to complete anything. He does not appreciate what he has. That is why what he caught in hunting will get rotten. But a hardworking person appreciates what he earned, so he becomes richer.
28 The one who believes in God will do the right thing and live a happy life. But the one who sins is going towards death.

Chapter 13

1 A wise son listens when his father makes him proper corrections. But a disobedient son does not pay attention when he is being corrected.
2 A person’s life depends on his words. The one who knows how to talk to people in a right way will achieve success. But evil will come into the life of a person who speaks and does what is evil.
3 He who thinks before speaking will keep himself out of trouble. But he who does not think before speaking will destroy his life.
4 A lazy person dreams of getting rich, but he will become poorer. But he who loves working will achieve everything he wants.
5 He who believes in God and is eager to do what is right hates lies. But a wicked person lies shamelessly, and this way he brings shame on himself.
6 A believer who is eager to do what is right will not go astray from the right path. But a sinner does evil which will destroy him.
7 There are some people who have nothing. But they try to make such an impression as though they are rich. And there are some other people who are very rich, but they behave in a simple way.
8 If there is a threat to a rich person, he can pay a ransom. But a poor person will never face such threats.
9 The life of a believer is filled with light and joy. But the life of a wicked person becomes darker like a lamp which is dying out.
10 A proud person does not ask anybody for advice. He provokes conflicts and breaks relationships with people. But he who consults with others receives wise advices and avoids quarrels.
11 He who did not work and quickly got rich will waste his money quickly. But he who works hard will increase his savings little by little.
12 If hope is not fulfilled for a long time then the heart of a person becomes depressed. But a fulfilled desire fills a person’s heart with such joy as if he has eaten the fruit from the tree of life.
13 He who neglects the Word of God will destroy his life. But he who is afraid to break God’s commandments will succeed.
14 He who teaches others the Law of God acts wisely. He leads people to the source of life and saves them from mortal danger.
15 It is such a pleasure to talk to an intelligent and kind person. But no one wants to have fellowship with an evil person because he offends others.
16 A person of understanding acts with competence. But a fool has no knowledge, so he shows off his foolishness.
17 Do not rely on an irresponsible person because he will get you into trouble. But the one who fulfills his duties responsibly will help you find a way out of a difficult situation.
18 He who does not want to study will live in poverty, and people will neglect him. But he who loves gaining knowledge will achieve success and earn the respect of people.
19 A person rejoices with all his heart when his dreams come true. But a fool rejoices when he does evil.
20 The one who has fellowship with wise people will become wise. But the one who spends his time in the company of fools will ruin his life.
21 Evil will chase the one who rejects God and lives in sin. But good will come to the one who believes in God and is eager to do what is right.
22 A kind person will leave his inheritance even to his grandchildren. But a sinner will lose his wealth, and it will go to a believer who is eager to do what is right.
23 Even a poor person can get abundant harvest on his field. But if the country has unjust laws then the poor will not be able to get out of his poverty.
24 He who does not punish his son destroys his son’s life. But he who loves his son disciplines and corrects him from his childhood.
25 A believer who is eager to do what is right will eat and get satisfied. But a wicked person will go hungry.

Chapter 14

1 A wise woman takes care of her family and builds her home. But a stupid woman does not care about her household and brings ruin to her family.
2 The one who acts honestly fears the Lord. But the one who deceives others treats God with contempt.
3 A fool speaks with arrogance. He will suffer from his words as though he was beaten with a stick. But a wise person will not get into trouble because of his words, because he controls his tongue.
4 He who does not have oxen does not spend money to keep them. But he who has oxen will be able to plow a lot of land and will reap a large harvest.
5 An honest person will tell the truth in the court. But a dishonest person will tell a lot of lies.
6 A fool makes fun of wisdom, that is why he will never become wise. A person of understanding loves wisdom and easily gets knowledge.
7 A fool cannot teach you anything wise. So do not waste your time on him.
8 A person of knowledge understands how to do the right thing, so he makes a wise decision. But a fool thinks that he knows what to do, so he will do a stupid thing.
9 Fools make fun of the one who repents of his sins. But believers approve when a person comes to God and leaves his sins.
10 No one can fully understand the sorrow of another person’s broken heart. And the same way no one can fully understand the joy of another person.
11 The house a wicked person will be destroyed. But the home of a believer who is eager to do what is right will be in an excellent condition.
12 There is a dangerous path which seems right from human point of view. But if a person chooses this path, it will lead him to death.
13 Despite the fact that a person looks joyful, his soul may hurt. And when he stops laughing, he will be left alone with his sufferings.
14 A person whose heart rejects God will receive what he deserved by his actions. And a believer who did good things will also receive what he deserved.
15 A naive person believes everything he hears and makes stupid decisions. But a person of understanding thinks carefully about each situation before making a right choice.
16 A wise person is afraid of getting into troubles, so he stays away from evil. But a fool does not think about the consequences of his actions. He does evil and hopes that nothing bad will happen to him.
17 People can forgive a hot tempered person who gets angry and does something stupid. But they will hate the one who harms others on purpose.
18 A fool does not like knowledge, so he will inherit foolishness. But a wise person is eager to get knowledge which will decorate him like a crown.
19 The one who does evil will admit his defeat and will seek the favor of the one who does good. And the one who commits crimes and oppose God, will come to the house of a believer to ask him for help.
20 Nobody likes a poor person. And even his closest relatives cannot hide their dislike for him. But a rich person has many friends.
21 The one who treats others with contempt when they ask him for help commits sin. But what kind of joy and blessing receives the person who shows compassion and helps the needy!
22 He who plans to harm others has gone astray. But the one who walks on the right path thinks how to help others. Such a person will earn love and respect of people.
23 A hardworking person will succeed in everything he does and will live in abundance. But the one who only speaks and does nothing will live in poverty.
24 The one who acts wisely will be rewarded with riches. But the one who acts stupidly will receive nothing but stupidity.
25 An honest person will tell the truth in the court and save others from false accusations. But a dishonest person will tell many lies and destroy the innocent people.
26 The one who fears the Lord will trust Him completely in every situation. And God will hide the children of such a person in a safe place if his family faces danger.
27 He who fears the Lord will be filled with such strength, as if he drinks from the source of life. Such a person will avoid situations which could lead him to death.
28 The more population of a country increases, the more powerful the king becomes. But if population decreases, the king loses his power.
29 The more patience a person shows, the more wisdom he has. But the one who quickly loses his temper behaves stupidly.
30 A person whose heart is filled with peace will have good health. But envy ruins health the same way as mortal disease that destroys the bones.
31 The one who treats a poor person unfairly and makes himself rich at his expense insults his Creator. But the one who shows compassion and helps the poor brings glory to God.
32 When trouble comes, it will ruin the life of a wicked person. And he will receive what he deserves according to his evil deeds. But a believer who is eager to do what is right will trust in God, even when his life will be in mortal danger.
33 The heart of a wise person is filled with wisdom. And he knows how to give a wise answer to a stupid person.
34 A nation which believes in God and is eager to do what is right will make their country great. But a nation which lives in sin will bring shame to their country.
35 A king will be pleased with a slave who does his work with competence. But the king will get angry at the one who does his job in a wrong way.

Chapter 15

1 A gentle answer calms anger, but an offensive word multiplies anger.
2 The words of the wise people spread good knowledge, but the words of the stupid people pour out stupidity.
3 The Lord watches evil and good people in every place.
4 Gentle words become a tree of life. But the person who does not restrain his tongue crushes the spirit.
5 A stupid person ignores when his father makes proper corrections to him. But a person who has understanding pays attention to rebukes.
6 A righteous person fills his house with many precious things, but a wicked person’s income brings troubles.
7 The words of the wise people spread knowledge, but knowledge does not live in the heart of the fools.
8 It is disgusting to God when wicked people bring sacrifice to Him. But God delights in the prayer of the righteous people.
9 The way of the wicked person is disgusting to God. But God loves the one who follows the way of righteousness.
10 The person who turns away from the right way will get a severe punishment. And the one who hates rebukes will die.
11 The Lord can see hell and death, and how much more He sees the hearts of the sons of men.
12 An offender does not like those who make proper corrections to him. And he will not go to wise people.
13 A joyful heart makes the face happy, but when a heart sorrows, it crushes the spirit.
14 The heart of the person who has understanding seeks knowledge, but the mouth of the fools feeds on stupidity.
15 A miserable person goes sad for all his days, but he who has a joyful heart has a feast always.
16 It is better to live humbly and to fear God than to get rich and to worry.
17 It is better to live in love and eat green leaves than to live in hatred and eat the meat of a fattened ox.
18 A person who gets angry easily starts a conflict, but a patient person calms a quarrel.
19 A thorny fence grew on the way of the lazy person, but the path of the righteous person goes smoothly.
20 A wise son brings joy to his father, but a stupid son despises his mother.
21 A fool does stupidity and rejoices, but a wise person goes on the straight path.
22 Plans will fail without advice, but plans will succeed with many advisors.
23 A person rejoices when he gives a proper answer. And how great it is to say a right word in a right time.
24 A wise person walks on the path of life, and the path leads him up. Such a person will turn away from hell below.
25 The Lord will destroy the house of the proud people, but He will make strong the boundary of the widow’s possessions.
26 The thoughts of the evil people are disgusting to the Lord, but He delights in the words of the pure people.
27 A greedy person will destroy his house. But the one who hates bribes will live.
28 A righteous person thinks in his heart before speaking, but the tongue of the wicked person pours out evil.
29 The Lord is far away from the wicked people, but He hears the prayer of the righteous people.
30 A bright look brings joy to the heart, good news makes the bones strong.
31 The one who loves life lives among wise people, and he listens carefully to rebukes.
32 The person who rejects proper corrections harms his soul. But he who pays attention to rebukes will get understanding.
33 The person who fears the Lord will accept proper corrections with wisdom. In the beginning humility comes and then glory comes.

Chapter 16

1 A person makes plans in his heart, but the Lord answers through His Word.
2 A person thinks that all his ways are pure, but the Lord checks his soul.
3 Dedicate your work to the Lord, and your plans will succeed.
4 The Lord made everything for His purpose, and He even keeps the ungodly for the day of disaster.
5 Every person who has a proud heart is disgusting to God. Such a person will get punishment for sure.
6 Mercy and truth cleans from sin. He who fears God avoids evil.
7 When a person pleases God with the way he lives then God makes even his enemies to live at peace with him.
8 It is better to live humbly and honestly than to deceive and to have a large income.
9 A person makes plans in his heart about his way, but the Lord directs the steps of the person.
10 The word of the king becomes a law, so the king should speak truthful speech in the court.
11 The Lord established the standards of honesty. Only accurate scales and balances show correct weight.
12 It is disgusting for kings to do evil, because righteousness makes their authority stronger.
13 A king delights in truthful speech. He loves the person who speaks the truth.
14 When a king gets angry it brings death, but a wise person will convince the king to show mercy.
15 When the king’s face gets brighter, it brings life. The king’s kindness is like a cloud which brings spring rain.
16 Get wisdom, it costs much more than gold. Get understanding, it costs more expensive than pure silver.
17 Righteous people walk on the way and avoid evil. The person who guards his way protects his soul.
18 In the beginning pride comes, and after that destruction comes. The spirit of pride leads to a fall.
19 It is better to have a humble spirit and live among the poor people than to share stolen things with the proud people.
20 He who listens to advices will find good. The Lord will bless the person who trust in Him.
21 If a person has wisdom in his heart then people will call him an understanding person, and pleasant speech makes learning easier.
22 The person who has understanding drinks from the source of life. And when a fool corrects others, it looks stupid.
23 The heart of a wise person will teach him how to speak wise words and will make his speech convincing.
24 Pleasant speech pours like honey, it becomes sweet to the soul and heals the bones.
25 It happens that a person thinks that he walks on the right ways, but they end in death.
26 A person works because hunger forces him to work.
27 A liar plans to do evil, and his words burn like fire.
28 A troublemaker sows conflict, and a gossiper separates friends.
29 A person with evil intentions convinces another one to believe in deception and leads him to the harmful path.
30 A person winks with his eyes and plans to harm, he bites his lips and does evil.
31 A person who walks in the way of righteousness will live to the gray hair, and his life will be crowned with glory.
32 It is better to be a patient person than a mighty warrior. It is better to have self-control than to conquer a city.
33 A person casts lots and hopes for luck, but the Lord decides everything.

Chapter 17

1 It is better to eat a piece of dry bread and live in peace than to have a feast in a house full of fresh meat with conflict.
2 A wise slave rules over the master’s disgraceful son. The slave will receive the part of the inheritance among the brothers.
3 A goldsmith melts silver and purifies gold with fire, but the Lord tests the hearts.
4 An evildoer pays attention to deceitful words, and a liar listens to harmful talks.
5 A person who laughs at the poor insults God who made him. A person who rejoices at disaster will get punishment.
6 Grandchildren make the life of the old people beautiful. And children inherit the glory of their parents.
7 People get puzzled when they hear a beautiful talk of a fool. But people get puzzled even more when they hear a leader lying.
8 It seems to a person that a bribe will work like a precious stone. He thinks that he will succeed everywhere he goes.
9 A person who forgives an offense will find love. But a person who reminds about the offense will lose a friend.
10 Rebuke a wise person one time, and he will correct himself. Beat a fool one hundred times, but he will not obey.
11 He who rebels will find only evil, and a cruel angel will be sent against him.
12 It is better to meet a mother bear who lost her children than to meet a fool with his stupidity.
13 Evil will not depart from the house of the person who repays evil for good.
14 Starting a quarrel reminds a sudden stream of water. Stop a quarrel before it burst.
15 The one who justifies a wicked person is disgusting to the Lord. And the one who condemns a righteous person is also disgusting to God.
16 Why should a fool have wealth in his hands? A fool has no understanding, he will not gain wisdom.
17 A friend loves at all times. Like a brother he will come to help in the time of disaster.
18 A stupid person guarantees to pay off the debts of another person.
19 A person who loves quarrels loves sin. And a person who opens his mouth wide, like a gate will find disaster.
20 A deceitful heart will not find good. A lier will get into trouble.
21 The father of the fool will not rejoice, he will grieve because he gave birth to a stupid person.
22 A joyful heart heals like a medicine, but a broken spirit dries the bones.
23 A wicked person takes a bribe in secret and pervert the ways of justice.
24 A wise person turns his face to wisdom, but the eyes of a fool wander to the ends of the earth.
25 A stupid son brings grief to his father and bitterness to his mother.
26 It is wrong to punish innocent people. It is also wrong to beat famous people because they are honest.
27 A wise person controls his words. A calm person thinks clearly.
28 When a fool keeps silent, he may look wise. A person who keeps his mouth shut may look like an understanding person.

Chapter 18

1 A selfish person follows his foolish desires, and he rebels against all wise things.
2 A stupid person does not like knowledge, but he thinks that he is smart, and he shows off his mind.
3 When a wicked person comes, he brings contempt. A disgraceful behavior leads to shame.
4 The words of a man looks like deep waters, but the source of wisdom flows like a stream.
5 Be just in the court, do not justify a wicked person and do not lie about the righteous one.
6 The words of a fool start a conflict, and his words provoke fighting.
7 A stupid person destroys himself by his words, and he sets a trap for his soul by his words.
8 The words of a gossiper are tasty, they go deep into the heart of a person.
9 A lazy person becomes a brother to the destroyer.
10 The name of the Lord is like a strong tower, the righteous person runs to it and lives safely there.
11 A high wall protects a strong city. The same way the wealth of the rich person protects him from troubles, but it happens only in his imagination.
12 In the beginning humility comes, and after that honor comes. But when pride enters the heart of a person then destruction happens.
13 A stupid person does not listen but he gives an answer so he will be ashamed.
14 The spirit of a person makes him strong when he gets sick. But who can strengthen a broken spirit?
15 The heart of the intelligent person gains knowledge. A wise person listens carefully and finds knowledge.
16 A gift opens doors, and it will lead the giver to important people.
17 He who speaks first in the court seems right, but when his opponent comes then cross-examination begins.
18 Flipping the coin stops quarrels and settles disputes between powerful opponents.
19 An offended brother is harder to win back than a strong city. And quarrels are like locked gates of a fortress.
20 Words bear fruit, and they fill a person like food fills his stomach. A person will reap the result of his words.
21 Words have power, they bring life and death. And what a person likes talking about, it will bear fruits.
22 A person who found a wife found a treasure, and he received grace from the Lord.
23 The poor person speaks with pleading, but the rich person answers harshly.
24 A person who wants to have friends must be friendly. It happens that a friend becomes closer than a brother.

Chapter 19

1 It is better to be poor and live blamelessly than to be a rich and a lying fool.
2 It is not good for a soul to live without knowledge. And he who moves in a hurry will stumble.
3 A person destroys his life by his stupid actions but his heart is angry at the Lord.
4 Wealth adds many friends, but poverty drives all friends away.
5 A false witness will not go unpunished. And he who speaks lie will not be saved.
6 Many people seek approval of influential people. And everyone wants to be a friend with the person who gives gifts.
7 All the brothers of the poor person hate him, and even his friends depart from him. The poor person runs after them because he wants to talk, but they hide from him.
8 He who get wisdom loves his soul. He who thinks clearly will prosper.
9 A false witness will not go unpunished. And he who speaks lie will perish.
10 When a fool lives in luxury then people get puzzled. But when a slave rules over the princes then people get puzzled even more.
11 Sound mind makes a person patient. He overlooks wrongdoings of other people, and he earns respect.
12 Angry king roars like a lion. But king’s kindness refreshes like dew on the grass.
13 A stupid son brings his father to ruin. A quarrelsome wife annoys like the constant dripping on the roof.
14 Parents give their sons an inheritance of houses and riches. But the Lord gives an understanding wife.
15 Laziness brings people into a deep sleep, a lazy soul will be hungry.
16 He who keeps the commandment guards his soul. But a person who lives carelessly will perish.
17 He who helps a poor person lends to the Lord, and God will reward him for his good works.
18 Discipline your son and have hope that he will not destroy his life. Do not allow your son to manipulate you.
19 Let a hot-tempered person reap the results of his anger. Do not rescue him from his troubles, otherwise you will have to do it again and again.
20 Listen to advices, accept proper corrections, and later you will become wise.
21 A person makes many plans in his heart, but the Lord will fulfill only His plans.
22 Charity brings joy to a person. The poor man is better than a liar.
23 The fear of God leads to life. He who fears the Lord will always be pleased, and evil will not come upon him.
24 A lazy person puts his hand down into the bowl, but he does not want to lift it to his mouth.
25 Punish an offender, and a simple person will start thinking clearly. Correct a wise person and he will understand the advice.
26 If a son robs his father and chases away his mother then he brings shame and disgrace.
27 My son, if you stop paying attention to proper corrections then you will turn away from the words which bring knowledge.
28 A dishonest witness mocks at justice, and wicked people feed themselves with evil.
29 Judgement is ready for offenders, and sticks are prepared for the backs of the fools.

Chapter 20

1 He who drinks wine mocks at people. And he who loves strong drinks fights with others. A person who has no understanding is addicted to alcohol.
2 An angry king roars like a lion. He who annoys the king sins against himself.
3 It is honorable for a person to stop a quarrel, but every fool starts a quarrel.
4 A lazy person does not work in the field before planting season. He will go out into the field in summer, and he will find nothing there.
5 Human thoughts are like deep waters. They fill the heart, but a wise person draws them out.
6 Many people boast about their good works, but who can find an honest person?
7 A righteous person lives blamelessly, and his children will live a blessed life.
8 A king sits on the throne of judgment, and he drives away all evil with his eyes.
9 Who can say, “I made my heart clean, I am pure of my sin?”
10 False weight and unequal measures are disgusting to the Lord.
11 Watch the behavior of the young man, and you will understand how honestly and correctly he will act.
12 The Lord created ears, and they can hear. The Lord created eyes, and they can see.
13 Do not love sleep, and you will not become poor. Keep your eyes open, and you will eat your bread to the full.
14 “It is expensive, it is expensive,” says the buyer, but when he goes away then he boasts about his purchase.
15 Gold and rubies are expensive, but people treasure wise words like a precious jewel.
16 Take the clothes of the one who promises and guarantees to pay off the debts of another person.
17 Stolen bread tastes sweet, but later the mouth of the person will be filled with sand.
18 Plans succeed through good advices, so seek guidance and go to war.
19 He who gossips opens a secret. Do not fellowship with the person who talks too much.
20 He who curses his father and mother, the lamp of such a person will stop shining in the middle of the deep darkness.
21 If a person claims his inheritance too early, it will not bring a blessing in the future.
22 Do not say, “I will pay you back for evil.” Wait, and the Lord will protect you.
23 Unequal measures are disgusting to the Lord, and false scales bring evil.
24 How can a person know his way? The Lord directs his steps.
25 If a person gives a promise in a hurry, and later he thinks about the consequences, then he traps himself.
26 A wise king will scatter wicked people, and he will drive a threshing wheel over them.
27 God lights a lamp in the human spirit, and the light penetrates into the depths of his heart.
28 Mercy and truth guard the king, and he makes his throne secure by mercy.
29 Young men are famous for their strength, but gray hair makes old men beautiful.
30 Beatings penetrate deep inside, and wounds bring healing from evil.

Chapter 21

1 The Lord holds the heart of the king in His hand. And like the streams of water God directs it according to His will.
2 A person thinks that he walks on the right way, but the Lord checks the hearts.
3 Keep righteousness and justice, it pleases the Lord more than a sacrifice.
4 Wicked people have a proud look and arrogant heart, and it is a sin.
5 Thoughts of the hard working person lead to prosperity. But he who only wants to finish his work in a hurry, will live in poverty.
6 If a person gains wealth by lying then his riches will disappear quickly like mist. A liar will find death.
7 The violence of the wicked people will destroy them because they refuse to do what is right.
8 A corrupt person crooks his way, but a pure person acts directly.
9 It is better to live in the corner of the roof than to live in a big house with a quarrelsome wife.
10 The soul of the wicked person desires evil, he will have no mercy even on his friend.
11 When an offender gets his punishment then a simple person becomes wise. When you teach a wise person, he gets knowledge.
12 The Righteous God watches over the house of the wicked person, and He brings disaster on wicked people.
13 Do not close your ears when a poor person cries for help. Otherwise you will also cry, but nobody will hear you.
14 A secret gift stops anger, and a bribe calms down a strong fury.
15 Justice brings joy to a godly person, but an evildoer is afraid of justice.
16 A person who wanders from the way of understanding will come to the place where dead people gather.
17 He who loves pleasure will become poor. A person who loves wine and oil will not be rich.
18 A wicked person will become a ransom for the life of the righteous. And a liar will pay with his life instead of an honest person.
19 It is better to live in the desert than to live with a quarrelsome and angry wife.
20 A wise person fills his house with oil and precious possessions, but a stupid person spends all good things.
21 He who has mercy and does what is right will find life, righteousness and respect.
22 A wise person enters the city of strong people, and he destroys the fortress in which they trust.
23 Be careful when you talk, watch your words, and you will save your soul from troubles.
24 An arrogant evildoer acts with pride, and people will call him a wicked person.
25 The desire of the lazy person will kill him because his hands refuse to work.
26 Every day a lazy person wants to get what he does not have. But a righteous person gives away good things without sparing.
27 When wicked people bring a sacrifice, it is disgusting, especially when they do it with evil plans.
28 An honest person always says what he knows, but a false witness will perish.
29 A righteous person acts thoughtfully, but a wicked person speaks rudely.
30 No wisdom, no understanding, no plans can stand against the Lord.
31 People prepare the horse for the day of battle, but victory comes from the Lord.

Chapter 22

1 A good name costs more than great riches. People value good reputation more than silver and gold.
2 What do a rich person and a poor person have in common? God created both of them.
3 A clever person sees danger, and he hides. But an unexperienced person keeps going, and he gets punishment.
4 A humble person who is afraid of God will receive wealth, respect and life.
5 A corrupt person will get into the thorns and traps on his way. But he who guards his soul stays far away from them.
6 Direct a child into the right path, and even when he is old he will not turn away from it.
7 A rich person rules over a poor person. He who takes a loan becomes a slave to his creditor.
8 He who plants injustice will harvest disaster, and authorities will destroy him in anger.
9 People will bless a generous person because he shares his bread with the poor people.
10 Drive out the offender, and fighting will leave. Quarrels and insults will also disappear.
11 He who loves purity of heart speaks with grace, and the king will become his friend.
12 The Lord sees knowledge, and He protects it. God overthrows the words of those who do not have faith.
13 The lazy person says, “A lion walks outside! If I go out, it will kill me in the middle of the public place!”
14 The words of an immoral woman destroy like a deep pit. Those who make the Lord angry will fall there.
15 Foolishness fills the heart of a child, but the rod will correct him and remove his folly from him.
16 He who oppresses a poor person and increases his wealth will become poor. And he who gives gifts to a rich person will become poor.
17 Listen carefully to the words of the wise people, and direct your heart to knowledge.
18 Keep wise sayings in your heart, speak wise words, and it will bring you joy.
19 I teach you today, and you should remember, let your trust will be in the Lord.
20 I wrote to you thirty times, I gave you advices and knowledge.
21 I taught you the accurate words of truth, and you tell them to those who send you.
22 Do not rob a poor person because he is poor. Do not oppress a needy person in court.
23 The Lord will defend the case of the poor in court, and He will take away the life of those who rob poor people.
24 Do not make friendship with angry people. Do not communicate with a hot-tempered person.
25 Otherwise you will learn his ways and set a trap for your soul.
26 Do not be the one who promises and guarantees to pay off the debts of another person.
27 If you cannot pay, then your creditors will take even your bed on which you sleep.
28 Do not move a boundary which your fathers set up long ago.
29 Do you see a skillful person who knows his work well? He will serve kings, he will not stand before simple people.

Chapter 23

1 When you sit to eat with an influential person then pay attention to what is on the table.
2 Do not eat greedily, control yourself.
3 Do not desire the delicious food of the influential person, such food is deceptive.
4 Do not wear yourself out to make wealth, leave such thoughts.
5 You will look at the riches, but it disappeared already. Wealth will make wings for itself and fly away to the sky like an eagle.
6 Do not eat the food of a person who is greedy, and do not desire his delicious food.
7 Thoughts fill soul, and they show who the person really is. He says to you, “Eat and drink,” but he thinks opposite in his heart.
8 You will vomit even the small pieces which you ate. And you will say good words to him in vain.
9 Do not teach a fool, because he will despise the wisdom of your words.
10 Do not move an old boundary and do not take the land of the orphans.
11 They have a strong Defender. He will come out against you, and He will defend the case of the needy.
12 Let your heart pay attention to proper corrections. Listen to the words which bring knowledge.
13 Make proper corrections to your child. If you punish him with the rod, he will not die.
14 You will punish him with a rod, and will save his soul from hell.
15 My son, if your heart becomes wise then my heart will rejoice.
16 All my inner being will rejoice when you speak what is right.
17 Do not let your heart envy sinners. Let your heart fear the Lord all the days of your life.
18 You have a good future ahead of you, do not lose your hope.
19 My son, listen and become wise, direct your heart to the right way.
20 Do not feast with those who drink wine, and who eat too much meat.
21 Drunkards and big eaters will become poor. Sleepiness will dress them with torn clothes.
22 Listen to your father because he gave you life. Do not despise your mother when she is old.
23 Buy the truth and do not sell wisdom. Buy proper corrections and do not sell understanding.
24 The father of the righteous person celebrates and rejoices because he gave life to a wise person.
25 Let your father be glad, and let your mother rejoice because she gave birth to a wise person.
26 My son, give me your heart, and let your eyes watch my ways.
27 An immoral woman destroys a man like a deep pit. And sleeping with a wife of another man is like falling into a narrow well.
28 An immoral woman waits in a hiding place like a bandit. And she multiplies the number of unfaithful men.
29 Who suffers and sorrows? Who fights and complains? Who has red eyes and wounds without reason?
30 He who spends a lot of time with a bottle suffers woe. He who goes and searches for wine, has wounds without reason.
31 Do not look at wine how red it is, and how it sparkles in the cup. Do not look how smoothly it goes down into the cup.
32 Later wine will bite you like a snake. Wine will poison you like a viper.
33 You will see hallucinations, and your heart will speak immoral things.
34 You will loose coordination like during the storm. You will fall asleep even on the top of the mast in the middle of the sea.
35 You will say, “They hit me, but I am not hurt. They pushed me, but I did not feel it. When I wake up, I will go and drink again.”

Chapter 24

1 Do not envy evil people and do not desire to be with them.
2 The heart of the evil people thinks about violence, and their lips talk about evil things.
3 People build a house by wisdom, they establish a house by understanding.
4 Through knowledge people fill the rooms of the house with all precious and beautiful riches.
5 If a person becomes wise, it means, he becomes strong. Knowledge makes a person stronger and stronger.
6 You need wise guidance when you go to war. You will win if you have many advisers.
7 A stupid person cannot understand wise things. He will not open his mouth in the gathering of people.
8 If a person plans to do evil, people call him an evildoer.
9 If a person plans to do a stupid thing, he sins. The offender is disgusting to people.
10 If you are getting weaker in a time of trouble, that means you are not strong.
11 Save those who are led to death. Do not reject those who are doomed to be killed.
12 You say, “We did not know about this.” But God tests the hearts, and He knows your words. He watches over your soul, and He will reward every person according to his deeds.
13 My son, you eat honey because it is good. You eat honeycomb because it is sweet.
14 Gain wisdom, and your soul will enjoy it like honey and honeycomb. If you find wisdom then you will have a good future, and you will not lose your hope.
15 O wicked person, do not plan to do evil against the house of the righteous, do not destroy the place where he rests.
16 A righteous person will fall seven times, but he will get up again. But a disaster will destroy wicked people.
17 When your enemy falls, do not rejoice. When your enemy stumbles, do not let your heart be glad.
18 Otherwise, the Lord will see that you are happy, and He will not like it. And God will turn His angry away from your enemy.
19 Do not be angry at evildoers and do not envy wicked people.
20 An evildoer has no future, and the lamp of the wicked will stop shining.
21 My son, fear the Lord and the king, do not associate with rebels.
22 Suddenly disaster will come from God and from the king. And who knows what will happen to the rebels?
23 Wise people also said, ”It is not good to show favoritism in judgment.”
24 Do not say to a guilty person, “You are right.” Otherwise, people will curse you, and nations will hate you.
25 But if you rebuke the wicked person then people will love you, and rich blessings will come upon you.
26 An honest answer is pleasant like a kiss on the lips.
27 Finish your outside work and your work on the field, and then build your house.
28 Do not speak a false testimony against another person. Why should you lie?
29 Do not say, “As he did to me, so I will do to him. I will pay the person back according to his deeds.”
30 I walked by the field of a lazy person, I passed by the vineyard of a stupid person.
31 Thorns and bushes grew up there, and the stone wall fell down.
32 I looked and thought in my heart about it, and I learned a lesson,
33 “This is what will happen if you sleep a little bit and get a little nap, if you fold your hands and rest a little bit.
34 Then poverty will come to you like a beggar. Then need will come to you like an armed man.”

Chapter 25

1 These are the proverbs of Solomon which the people of Hezekiah King of Judah collected.
2 People glorify God because He covers His matters with mystery. People glorify kings because they reveal the secrets of God.
3 No one can measure the height of heaven and the depth of the earth. The same way no one can understand the heart of the kings.
4 The silversmith removes the impurity from silver, and he makes a vessel.
5 Remove a wicked person from the king, and the king will rule on his throne in righteousness.
6 Do not exalt yourself in the presence of the king and do not take the place of great people.
7 It is better if people tell you, “Come up here,” and then nobody will humiliate you in the presence of an influential person.
8 Do not be in a hurry to go to court. Otherwise, what will you do when your opponent puts you to shame in the end?
9 If you take your opponent to court then do not open the secret of another person.
10 Otherwise, this person will hear your words, and he will shame you, and then you will not restore your reputation.
11 People value golden apples in silver vessels. The same way people value words which they say in the right time.
12 As people value gold earrings and pure gold jewelry, so an attentive person values a rebuke of a wise person.
13 Icy water refreshes during the harvest. The same way a trustworthy courier makes glad those people who send him. He brings joy to the soul of his master.
14 A person who boasts of gifts which he did not give looks like wind and clouds without rain.
15 Convince a ruler with patience, and he will show mercy. Soft tongue breaks a bone.
16 Did you find honey? Eat as much as you need, but do not eat too much, otherwise you will vomit.
17 Do not visit the house of your friend too often. Otherwise, he will get tired of you, and he will hate you.
18 A person who gives a false testimony against another one wounds like a club, a sword and a sharp arrow.
19 Nobody relies on a broken tooth and on a lame foot. The same way do not put your confidence in an unreliable person in the time of trouble.
20 He who sings songs to a sad heart is like a person who removes clothes on a cold day. He who sings songs to a sad heart pours vinegar in a wound.
21 If your enemy is hungry, feed him with bread. If he wants to drink, give him water.
22 If your enemy’s fireplace stops burning then share your burning coals with him. Gather the coals in a bowl so that he could put it on his head and take the coals home. And the Lord will reward you for doing good to your enemy.
23 A north wind brings rain, and the same way gossip brings anger to people’s faces.
24 It is better to live in the corner of the roof than to live in a big house with a quarrelsome wife.
25 Cold water refreshes a thirsty and tired soul. The same way a person comes back to life, when he hears good news from a distant country.
26 A righteous person who bows before a wicked one reminds a muddy source of water and a polluted well.
27 It is not good to eat too much honey, it is also not good to seek honor for yourself.
28 A person who does not control his spirit is like a broken city without walls.

Chapter 26

1 It is disappointing when snow falls in the summer, and it rains during the harvest. It is also disappointing when people honor a fool.
2 If you did not deserve a curse, then it will not come upon you. An undeserved curse will spread its wings like a bird, and it will fly away.
3 People direct a horse with a whip, and they stop a donkey with a bridle. But people beat the back of a fool with a stick.
4 Do not act stupidly in a response to stupid actions of another person, and you will not become a fool.
5 But give a stupid answer to a stupid question, and then the fool will not become wise in his eyes.
6 He who trusts a fool to deliver a message cuts off his legs and gets into trouble.
7 When a fool speaks in a proverb, he resembles a lame person who moves his legs with difficulty.
8 He who honors a fool is like a person who shoots a sling with precious stones.
9 If a fool speaks in a proverb, he reminds of a drunkard who takes a thorny branch in his hand.
10 He who has an authority acts according to his own will. He rewards a fool, he rewards a random person.
11 As a dog returns to its vomit, so a fool repeats his foolishness.
12 Did you see a person wise in his eyes? He is worse than a fool, you cannot rely on him.
13 A lazy person says, “A lion walks on the road, a lion goes on the streets!”
14 As a door turns on its hinges, so a lazy person turns on his bed.
15 A lazy person puts his hand down into the bowl, but it is difficult for him to lift it to his mouth.
16 A lazy person looks smarter in his eyes than seven people who answer wisely.
17 He who passes by and interferes in people’s quarrel is like a person who grabs a dog by the ears.
18 He who pretends to be crazy becomes a dangerous person. He plays with fire, arrows and death.
19 A person who deceives his friend, but then he says, “I was only joking,” is also dangerous.
20 Fire goes out without wood, and quarrels disappear without a gossiper.
21 Charcoal quickly gives heat, and wood quickly starts fire. The same way a quarrelsome person quickly starts a fight.
22 The words of a gossiper are tasty like sweets, they go deep inside of a person.
23 He who speaks great words, but has an evil heart, is like a clay pot which is covered with impure silver.
24 An enemy covers his hatred with deceitful words, but he plans to do evil in his heart.
25 If your enemy speaks with a kind voice, do not believe him, because seven disgusting things fills his heart.
26 An enemy deceives and hides his hatred, but among the assembly of people he will show his evilness.
27 He who digs a pit for another person will fall into it. Do not roll a stone on another person, otherwise this stone will roll back on you.
28 A deceitful person hates others, and he crushes them with his words. Deceitful words lead to ruin.

Chapter 27

1 Do not boast about tomorrow, because you do not know what the day will bring.
2 Do not praise yourself, let another person do it. Don’t speak the words of praise about yourself, let other people do it.
3 It is heavy to carry stones, it is heavy to carry sand, but the anger of a fool is heavier than stones and sand.
4 Anger wakes up cruelty, and fury comes like a flood. But who can stand against jealousy?
5 It is better to rebuke openly than to pretend that you love and keep silence.
6 A friend loves sincerely, and he rebukes sincerely. But an enemy hates, and he kisses falsely.
7 A person who has a full stomach hates honeycombs. But everything becomes sweet for a hungry soul.
8 A person who leaves his place is like a bird which leaves its nest.
9 A good advice of a friend brings joy to the heart like fragrant oil and perfume.
10 When a disaster happens, do not go to your brother’s house. It is better to go to your friend or to your father’s friend. A close neighbor will help more than a brother who lives far away.
11 My son, become wise, make my heart glad. And then I will know what to answer to the person who speaks evil about me.
12 A clever person foresees danger and hides from it. But an unexperienced person goes ahead, and he gets in trouble.
13 If you promise and guarantee to pay off the debts of another person then you will lose even your clothes.
14 If early in the morning you loudly bless your friend, it will sound to him like a curse.
15 A quarrelsome wife annoys like the constant dripping on a rainy day.
16 He who wants to stop a quarrelsome wife wants to stop the wind. You will not hold her, she will slip away like from oily hands.
17 As iron sharpens iron, so friends correct each other.
18 He who takes care of a fig tree will eat its fruit. He who protects his master will get respect.
19 Look in the water, and you will see the face. Look in the heart, and you will see who the person really is.
20 Hell and death are never satisfied, the same way the eyes of a person are not satisfied.
21 People value purified silver and refined gold. The same way people value a person who has good recommendations.
22 Beat a stupid person along with grain in a vessel, but even a crushing stick will not separate his foolishness from him.
23 Pay attention to your cattle and take care of your flocks.
24 You cannot keep reaches forever. And does authority pass from generation to generation?
25 When people remove dry grass, then tender grass grows again, and people gather mountain herbs.
26 Make your clothes from sheep’s wool, and pay off the price of a field with your goats.
27 And the goats will give enough milk for you, for your family and for your female servants.

Chapter 28

1 A wicked person runs away though no one chases him. But a righteous person walks boldly like a lion.
2 When a country rebels against the law, then it has many rulers. But when a wise and a knowledgeable person governs, then stability comes to the country.
3 Heavy rain destroys the crop. A poor man does the same if he oppresses needy people.
4 He who breaks the Law of God the Creator praises wicked people. He who obeys the Law of God resists wicked people.
5 Evil people do not understand justice. But he who seeks the Lord understands everything.
6 It is better to be poor and to live blamelessly than to be rich and to pervert his ways.
7 An understanding son obeys the Law of God the Creator. But he who joins a bad company brings shame to his father.
8 He who lends money at high interest will give his profit to the one who does charity.
9 It is disgusting to God if a person prays, but he does not listen to the Law of God the Creator.
10 He who leads righteous people to an evil path will fall into his own pit. But blameless people will inherit good things.
11 A rich man thinks that he is wise, but a smart poor man can see who the rich man really is.
12 When righteous people triumph, then great glory comes. But when wicked people rise, then people hide themselves.
13 He who hides his sins will not prosper. But a person who confesses his sins and turns away from them will receive mercy.
14 A blessed person always trembles before God. But he who makes his heart hard will fall into trouble.
15 A wicked ruler over a poor nation is dangerous like a roaring lion and a hungry bear.
16 A foolish ruler oppresses his people greatly. But if a ruler hates corruption, then he will govern for a long time.
17 A person who shed blood is guilty of murder. He will live in fear until his death that people will catch him.
18 He who walks blamelessly will live safely. But he who crooks his ways will fall in one of them.
19 He who works on his land will have a lot of bread, but a lazy person will become poor.
20 An honest person becomes rich with blessings. But he who who wants to get rich quickly will get punishment.
21 It is not good to show favoritism. A partial person will do wrong things even for a piece of bread.
22 A greedy person wants to get rich quickly. But he does not know that he will become poor.
23 Make proper corrections to others, and later people will appreciate you more than the one who speaks lie.
24 A person who joined a company of wicked people will rob his father and his mother. He will say, “This is not a sin.”
25 A greedy person starts a quarrel. But he who trusts in the Lord will prosper.
26 It is foolish to trust in yourself. Walk in wisdom, and you will live safely.
27 He who gives to a poor person will not live in need. But he who ignores a poor person will receive many curses.
28 When wicked people rise, then people hide. But when wicked people perish, then righteous people multiply.

Chapter 29

1 When people rebuke a person, but he continues to be stubborn, then disease will suddenly destroy him, and he will not get healing.
2 When righteous people come to authority, then people rejoice. But when a wicked person rules, then people groan.
3 He who loves wisdom brings joy to his father. But he who goes to immoral women wastes his wealth.
4 A just king brings stability to his nation. But he who loves taking bribes destroys his country.
5 He who speaks false compliments to his friend spreads a net to his feet.
6 An evil man sins and spreads a net for himself, but a righteous person sings and rejoices.
7 A righteous person cares about the case of the poor, but a wicked person does not care at all.
8 Rebellious people provoke a riot in the city, but wise people calm down angry people.
9 If a wise person goes to court with a fool, then sometimes he will be angry, and sometimes he will laugh, but he will not have peace.
10 Bloodthirsty people hate a blameless person and seek to kill him.
11 A fool pours out all his anger, but a wise person holds his anger back.
12 If a ruler listens to lies, then all his officials are wicked people.
13 What do a poor person and his oppressor have in common? The Lord gives light to the eyes of both.
14 If a king judges poor people justly, then his authority will last forever.
15 A stick and a rebuke bring wisdom. But if people do not discipline a child, he will bring shame to his mother.
16 When wicked people multiply, sin also multiplies. But righteous people will see their fall.
17 Discipline your son, and he will bring you peace, and he will make your soul glad.
18 If people have no revelation from above, they rebel. But people who keep the Law of God the Creator receive blessing.
19 Words will not correct a servant, he understands the words, but he ignores them.
20 Did you know a person who speaks without thinking? He is worse than a fool, you cannot rely on him.
21 If you give your servant everything he wants from his childhood, then in the future he will want to take a place of your son.
22 An angry person starts a fight, and a hot-tempered person sins a lot.
23 Pride humiliates a person. People respect the one who humbles himself in the spirit.
24 He who helps a thief hates himself. He will stand in court, and he will protect the thief.
25 Fear of people spreads a net. But he who trusts in the Lord will live safely.
26 Many people seek approval of a ruler, but justice comes only from the Lord.
27 He who acts unjustly is disgusting to just people. But a righteous person who walks straight is disgusting to a wicked person.

Chapter 30

1 Jakeh had a son Agur. Agur spoke inspired words to Ithiel and Ucal.
2 Surely I am more stupid than other people. I do not understand what others understand.
3 I did not learn wisdom, and I did not gain knowledge of the Holy God.
4 Who went up to heaven and came down? Who can hold the wind in his hands, and who can carry water in his clothes? Who established all the boundaries of the earth? Do you know His name, and what is the name of His Son?
5 Every word of God is pure. God becomes a shield for those who trust in Him.
6 Do not add to the words of God, otherwise He will judge you, and you will become a liar.
7 Do not deny my request. I will ask You for two things before I die.
8 Remove lie and meaningless things from me. Do not give me poverty nor riches. Provide me with my daily bread.
9 Otherwise, if I get rich, I will deny You and say, “Who is the Lord?” And if I become poor, I will steal and bring shame to the name of my God.
10 Do not speak lie about a servant to his master. Otherwise, he will curse you, and you will become guilty.
11 Some people curse their fathers and do not bless their mothers.
12 They think that they are pure, but they are dirty with their waste.
13 Oh, how proudly such people look around! What kind of disrespectful look they throw around!
14 Some people hurt with their teeth like swords. They cut with their jaws like knives. They eat the poor and needy people on the earth.
15 The leach has two daughters. They scream, “Give me more, give me more!” There are three things, and they will not be satisfied. There are even four things, and they will not say, “Enough!”
16 Death and a woman without children will not say, “Enough!” Fire and the earth will not be satisfied with water, they will not say, “Enough!”
17 If a person looks at his father and makes fun of him then crows will eat his eyes in the valley. If a person despises his mother and does not obey her then eagle’s children will eat him.
18 Three things amaze me so much, and I don’t understand four things.
19 I wonder how an eagle flies in the sky, and how a snake crawls on a rock. I do not understand how a ship navigates in the middle of the sea, and how a man finds his way to a young woman.
20 The same way, I do not understand the way of a woman who sleeps with different men. She ate, wiped her mouth and said, “I did nothing wrong.”
21 The earth shakes from three things, and it cannot tolerate four things.
22 It is not right when a slave becomes a king. And it is not right when a fool eats bread to the full.
23 It is not right when a woman who has evil plans gets married. And it is not right when a servant girl takes the place of her mistress.
24 Four little creatures live on the earth, but they are extremely wise.
25 Ants are not strong, but they prepare their food in the summer.
26 Mountain mice are weak, but they build their houses on the rock.
27 Locusts have no king, but they move in order.
28 Lizard quickly moves his legs, and it goes even to the royal palaces.
29 Three animals walk majestically, and even four of them move impressively.
30 A lion is mighty among all the animals, he will not turn away from anyone.
31 A rooster and a goat walk proudly, and a king majestically leads his army.
32 If you become proud then you will do foolishness. Stop, if you plan to do an evil thing.
33 He who beats milk will produce butter. If you beat the nose, then blood will flow. And he who pours out his anger will start a quarrel.

Chapter 31

1 These are the words of king Lemuel. His mother gave him these advices.
2 My son, I gave birth to you. My son, I dedicated you to God!
3 Do not give your strength to women. They destroy kings, do not give your ways to women.
4 Lemuel, kings should not drink wine. Rulers should not drink alcoholic drinks.
5 Otherwise, they will get drunk, and they will forget the law. And they will unjustly judge all the oppressed people.
6 People give a strong drink to a perishing person. And a grieving soul drinks wine.
7 He gets drunk and forgets about his poverty. And while he is still drunk, he does not remember about his suffering.
8 Raise your voice for helpless people and protect oppressed people.
9 Raise your voice for justice, for the case of a poor and a needy person.
10 A man who marries a business woman will treasure her more than precious jewels.
11 His wife will make his life rich. Her husband will trust her with all of his heart.
12 All the days of her life she will do good things to her husband. She will not harm him.
13 She gets wool and flax, she likes working with her hands.
14 Like ships she brings her food from distant places.
15 She gets up while it is still night. She distributes food in her house, and she gives work to her servant girls.
16 She plans to buy a field, and she does it. She plants a vineyard with the money she earned.
17 Her muscles are strong. She feels strength in her hands.
18 She sees that her business goes well. And her lamp does not stop shining even at night.
19 She stretches her hands to a spinning wheel, and she twists thread with her fingers.
20 She helps a poor and a needy person.
21 She is not afraid of cold weather because she dresses all her family in warm clothes.
22 She makes bed coverings for herself. She wears expensive clothes made of purple fabric.
23 People respect her husband when he discusses matters with the elders at the city gate.
24 She makes clothes and sells them. She makes belts and delivers them to sell-men.
25 Her clothes are strength and honor. And she looks at her future with confidence.
26 She speaks the Law of God the Creator with wisdom and kindness.
27 She watches over her household. She is not lazy, and she does not eat food just because she is bored.
28 Children stand up, and they call her blessed, her husband also praises her.
29 He says, “There are many business women, but you are the best.”
30 A pretty face deceives, and beauty disappears. But a woman who fears the Lord deserves to be praised.
31 Reward her according to her works. And let her deeds make her famous at the city gate.

STAN & LANA

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